दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को यूट्यूबर अजीत भारती को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (एससी/एसटी एक्ट) के एक मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। मामला सांसद चंद्रशेखर आजाद के बारे में उनकी टिप्पणियों से जुड़ा है। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने कहा कि एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(र) और 3(1)(स) के तहत अपराध प्रथम दृष्टया बनता है। अदालत ने यह भी कहा कि अग्रिम जमानत पर वैधानिक रोक है और याचिका पोषणीय नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है।