60 मिनट में 88km का सफर, ग्वालियर से मुरैना, धौलपुर, आगरा, दिल्ली तक हाईस्पीड कनेक्टविटी, यहां बनेगा साइलेंट ब्रिज

60 मिनट में 88km का सफर, ग्वालियर से मुरैना, धौलपुर, आगरा, दिल्ली तक हाईस्पीड कनेक्टविटी, यहां बनेगा साइलेंट ब्रिज

ग्वालियर से आगरा का 88 किलोमीटर का सफर अब महज 60 मिनट में पूरा होने वाला है. क्योंकि ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे एमपी की यूपी से लेकर दिल्ली एनसीआर तक कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बदलने वाला है. इस प्रोजेक्ट पर ताजा अपडेट के मुताबिक चंबल नदी पर मध्य प्रदेश की भौगोलिक सीमा का पहला 6-लेन साइलेंट केबल-स्टे ब्रिज भी बनाया जाना शुरू हो गया है. आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NH-719D) पर यह अनोखा प्रयोग होगा. जिससे चंबल नदी में रहने वाले जलीय जीवों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. इस हाईवे के शुरू होते ही ग्वालियर की मुरैना, धौलपुर से आगरा होते हुए दिल्ली और नोएडा तक सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. 

ग्वालियर से आगरा का सफर 60 मिनट में होगा

ग्वालियर से आगरा का सफर महज 60 मिनट में पूरा हो जाएगा. अभी दोनों शहरों के बीच की दूरी 120 किलोमीटर जिसे नेशनल हाईवे-44 से तय किया जाता है. 2 लेन मार्ग होने की वजह से यहां से 2 से 3 घंटे का समय लग जाता है. क्योंकि यह शहरों के बीच से गुजरता है, लेकिन नया आगरा ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दोनों शहरों की दूरी में करीब 32 किलोमीटर की दूरी को कम करेगा. 120 किलोमीटर का सफर घटकर 88 किलोमीटर हो जाएगा. इस हाईवे पर 100 से 120 किलोमीटर की रफ्तार से गाड़ियां चलेगी. जिससे एमपी से यूपी की कनेक्टिविटी बहुत मजबूत हो जाएगी. 

चंबल नदी पर बनेगा साइलेंट ब्रिज

ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे पर मध्य प्रदेश का पहला साइलेंट ब्रिज चंबल नदी पर बनाया जाएगा. क्योंकि चंबल नदी घड़ियालों और डॉल्फिनों का घर है. लेकिन वाहनों की आवाज से यह जीव अपना घर बदल लेते हैं. ऐसे में यहां साइलेंट ब्रिज बनाया जा रहा है, जहां भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स यहां 1600 मीटर लंबा एक विशेष एलिवेटेड स्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं. यह पूरा ब्रिज बिना एक भी पिलर लगाए खड़ा किया जाएगा. चंबल नदी पर पुल नदी के दोनों किनारों पर बने विशाल टावरों और मजबूत केबलों के सहारे हवा में टिका रहेगा. इसके कारण पानी के भीतर खुदाई नहीं होगी और जलीय जीवों का घर पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. यह मध्य प्रदेश में पहला केवल साइलेंट ब्रिज होगा. 

आगरा से होते हुए दिल्ली-NCR तक कनेक्टिविटी 

  • ग्वालियर (मध्य प्रदेश)
  • मुरैना
  • धौलपुर(राजस्थान)
  • आगरा (उत्तर प्रदेश)
  • मथुरा 
  • नोएडा 
  • दिल्ली

इसके अलावा प्रस्तावित चंबल एक्सप्रेसवे जिसे अटल प्रोग्रेस-वे भी कहा जाता है, उसका भी इसके साथ एक बड़ा इंटरचेंज भी बनाया जाएगा, जिससे भिंड और श्योपुर जैसे इलाकों को भी सीधा फायदा मिलेग. ऐसे में मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली एनसीआर तक सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. 

ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे का जमीन अधिग्रहण शुरू 

ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू हो गया है. 4 हजार 613 करोड़ की महापरियोजना का 93 प्रतिशत से ज्यादा भूमि का अधिग्रहण पहले ही पूरा हो चुका है और जमीनी स्तर पर सिविल कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से शुरू हो गया है. कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक इसे अगले 30 महीनों में यानी साल 2028 तक पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा. जिसके बाद मप्र का यह पहला साइलेंट केबल ब्रिज और एक्सप्रेसवे जनता के लिए खोल दिया जाएगा. 



Prev Post
Next Post