शादी की जिद में पिता से भिड़ गया 18 साल का बेटा, तैश में आकर दबा दिया ट्रिगर, चली गई जान
Raisina News Desk- सितंबर 26, 2026 04:39 PM IST
चंडीगढ़ शहर का शांत वातावरण शुक्रवार को एक सनसनीखेज वारदात से दहल गया है. इस वारदात ने बाप-बेटे के पवित्र रिश्ते को लहूलुहान कर दिया. चंडीगढ़ पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात नितिन सिंह की उनके ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. कानून की रक्षा करने वाले पुलिस अफसर पिता का कत्ल किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके अपने ही 18 वर्षीय बेटे अरमान ने कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की आला टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ.
पुलिस जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं. आरोपी अरमान का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है. इसी साल की शुरुआत में चंडीगढ़ में हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक बेकाबू थार गाड़ी ने मोटरसाइकिल सवार दो सगे भाइयों को रौंद दिया था, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी.
थार हादसे में जमानत पर बाहर आया था आरोपी
थार मामले में अरमान ही मुख्य आरोपी था. पिता नितिन सिंह ने अपने बेटे को कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत दिलाई थी और वह हाल ही में जेल से बाहर आया था. पिता को उम्मीद थी कि जेल से आने के बाद बेटा अपनी गलतियों से सबक लेगा और सुधर जाएगा, लेकिन बेटा ने ऐसा कदम उठा दिया, जिसने पिता-पुत्र के रिश्ते को शर्मसार कर दिया है.
शादी की जिद बनी कत्ल की वजह
पुलिस के मुताबिक, जमानत पर बाहर आते ही अरमान ने अपने माता-पिता पर अपनी गर्लफ्रेंड से तुरंत शादी कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, अरमान लगातार जिद कर रहा था कि उसकी शादी तुरंत उसकी प्रेमिका से कराई जाए. हेड कांस्टेबल नितिन सिंह और उनकी पत्नी उसे समझा रहे थे कि देश के कानून के मुताबिक लड़कों की शादी की सही कानूनी उम्र 21 वर्ष है. चूंकि वह अभी सिर्फ 18 साल का है और पहले से ही एक गंभीर आपराधिक मामले में जमानत पर है, इसलिए उसे 21 साल की उम्र पूरी होने तक इंतजार करना चाहिए.