'बांग्लादेश का भारत के साथ ऑर्गेनिक संबंध', डिप्लोमेट बोले- निरंतर संवाद और संपर्क लगातार जारी रहना चाहिए
Raisina News Desk- सितंबर 27, 2026 11:28 AM IST
India-Bangladesh News: भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने भारत-बांग्लादेश संबंधों को स्वाभाविक और परस्पर निर्भरता पर आधारित बताया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विचारों, दृष्टिकोण और तौर-तरीकों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन्हें निरंतर संवाद और संपर्क के रास्ते में बाधा नहीं बनने देना चाहिए. ANI को दिए इंटरव्यू में हमीदुल्लाह ने कहा कि भारत और बांग्लादेश की भौगोलिक निकटता तथा दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे संबंधों को देखते हुए निरंतर संवाद बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि यह संबंध दोनों देशों के साझा हितों पर आधारित है और इसे आगे बढ़ाने के लिए मतभेदों के बावजूद बातचीत जारी रखनी चाहिए.
हमीदुल्लाह ने कहा कि यह ऐसा संबंध है, जिसे मैंने कई मौकों पर ऑर्गेनिक और परस्पर निर्भरता पर आधारित बताया है. यह ऐसा संबंध है जो हमारे साझा हितों में है. बांग्लादेशी उच्चायुक्त ने कहा कि किसी भी करीबी रिश्ते की तरह भारत और बांग्लादेश के बीच भी विचारों, नजरियों और कभी-कभी तौर-तरीकों को लेकर मतभेद होना स्वाभाविक है. हालांकि, इन मतभेदों के बावजूद दोनों देशों को एक-दूसरे से जुड़े रहना और बातचीत जारी रखना चाहिए. हमीदुल्लाह ने दोनों देशों के बीच जन-जन के संपर्क को और व्यापक बनाने पर भी जोर दिया. उन्होंने विशेष रूप से छात्रों, स्कूली बच्चों और विश्वविद्यालयों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने की आवश्यकता बताई. उनके मुताबिक, इस तरह के संपर्क को लाखों लोगों तक पहुंचाया जा सकता है और इससे दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है.
बांग्लादेश के उच्चायुक्त ने कहा कि लोगों के बीच संपर्क केवल राजनयिक या सरकारी स्तर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सीधे संवाद और आपसी समझ को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए. भारत-बांग्लादेश संबंधों में सांस्कृतिक जुड़ाव के प्रतीक के रूप में आयोजित ‘इलिश फेस्ट’ का उल्लेख करते हुए हमीदुल्लाह ने कहा कि यह आयोजन केवल खान-पान की विरासत का उत्सव नहीं है, बल्कि लोगों को करीब लाने का माध्यम भी है. उन्होंने कहा कि इलिश मछली बांग्लादेश और भारत के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले बंगालियों के लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखती है. उन्होंने कहा, ‘इलिश केवल अर्थव्यवस्था से जुड़ी चीज नहीं है, कभी-कभी यह राजनीति में भी आ जाती है.’ उन्होंने बताया कि बांग्लादेश उच्चायोग ने पिछले वर्ष 27 सितंबर को पहली बार इस महोत्सव का आयोजन किया था और एक साल बाद उसी तारीख को इसे दोबारा आयोजित किया गया.
हमीदुल्लाह ने कहा कि उनके लिए इलिश केवल एक व्यंजन या मछली नहीं, बल्कि एक प्रतीक है. उनके मुताबिक, जब लोग साथ आते हैं तो बातचीत के नए रास्ते खुलते हैं, आशंकाएं कम होती हैं और आपसी जुड़ाव तथा साथ होने की भावना मजबूत होती है. दिल्ली में अपने करीब डेढ़ साल के कार्यकाल के पूरा होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार का आयोजन भारत के समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक छोटा-सा प्रयास था, जिनसे उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान संपर्क किया.
बांग्लादेशी डिप्लोमेट ने कहा कि महोत्सव में मणिशंकर अय्यर, एमजे अकबर, सैयदा हमीद, ज्योति मल्होत्रा और आशीष नंदी समेत कई प्रमुख भारतीय हस्तियों की मौजूदगी ने भी लोगों को एक साथ लाने के आयोजन के उद्देश्य को मजबूत किया. हमीदुल्लाह ने कहा कि कार्यक्रम में सभी का कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना भारत में भारत के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का एक और माध्यम बना. उन्होंने कहा कि आयोजन भले ही मनोरंजक था, लेकिन इसने दोनों देशों के संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को भी सामने रखा.