यूपी से दिल्ली तक…वोटर लिस्ट पर खरगे ने उठाए सवाल, 13 राज्यों के आंकड़े गिनाकर सरकार को घेरा

यूपी से दिल्ली तक…वोटर लिस्ट पर खरगे ने उठाए सवाल, 13 राज्यों के आंकड़े गिनाकर सरकार को घेरा

मल्लिकार्जुन खरगेImage Credit source: PTI (फाइल फोटो)

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार फिर एसआईआर (SIR) को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे चुनाव आयोग के कारनामे सामने आ रहे हैं और ‘वोट चोरी’ का पर्दाफाश हो रहा है, पीएम मोदी और अमित शाह जन-आंदोलन को दबाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वो CEC ज्ञानेश कुमार को क्यों बचा रहे हैं? ध्यान भटकाने की ये चालें और झूठा प्रचार केवल मोदी सरकार की साख गिरा रहे हैं और हमारे लोकतंत्र को बदनाम कर रहे हैं.

खरगे ने फिर दोहराया कि ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन हर नागरिक के वोट और हमारे संविधान की रक्षा के लिए अपना लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से कई राज्यों में मतदाता सूची से हटाए गए नामों के आंकड़े भी गिनाए. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में ‘फॉर्म 8’ में 10,470 अनियमित बदलावों के कारण FIR दर्ज हुई और पूरे राज्य में ऑडिट शुरू हुआ. इसके अलावा MLC मतदाता सूची की 158 प्रविष्टियों में सॉफ्टवेयर की वजह से नामों में गलतियां पाई गईं.

खरगे ने इन 12 राज्यों को लेकर भी किया दावा

  • महाराष्ट्र: SIR ड्राफ्ट मतदाता सूची से 2.07 करोड़ नाम हटा दिए गए. MLC मतदाता सूची में ऑटोमैटिक अनुवाद की गलतियां सामने आईं.
  • पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनावों के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर की गई अपीलों में से 93% सफल रहीं.
  • राजस्थान: ECI (भारत निर्वाचन आयोग) और राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूचियों के बीच लगभग 30 लाख विसंगतियां (अंतर) पाई गईं.
  • गुजरात: SIR के बाद मतदाता सूची से 68.12 लाख नाम कम हो गए. अब इसके लिए एक विशेष ‘री-एनरोलमेंट’ (पुनः पंजीकरण) अभियान चलाया जा रहा है.
  • कर्नाटक: चुनाव अधिकारियों द्वारा नाम हटाने के लिए ‘फॉर्म 7’ की 61,059 अर्जियां दाखिल की गईं.
  • आंध्र प्रदेश: ‘फॉर्म 7’ की 20,959 अर्जियों में चुनाव अधिकारियों को ही ‘आपत्ति जताने वाला’ (objector) बताया गया.
  • ओडिशा: धमनगर में नाम हटाने के लिए 3,000 से ज्यादा अर्जियां दाखिल की गईं. BLOs (बूथ लेवल अधिकारियों) ने इसके दुरुपयोग का आरोप लगाया.
  • तेलंगाना: ड्राफ्ट मतदाता सूची से 73.39 लाख नाम हटा दिए गए.
  • झारखंड: चतरा विधानसभा क्षेत्र में ‘फॉर्म 7’ की 4,790 अर्जियां दाखिल की गईं, जो राज्य की कुल अर्जियों का लगभग 36% है.
  • हरियाणा: सत्यापन के लिए 44.91 लाख नोटिस जारी किए गए. 1 अक्टूबर तक 4.35 लाख मामलों में सुनवाई लंबित थी.
  • दिल्ली: ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47.5 लाख नाम हटा दिए गए. मीडिया की पड़ताल के बाद ‘फॉर्म 6’ के निपटारे के आंकड़ों में संशोधन किया गया.
  • गोवा: ECINET सिस्टम में ‘रोलबैक’ (पुरानी स्थिति में लौटने) की सुविधा न होने के कारण 97 पात्र मतदाताओं के नाम शुरू में वापस नहीं जोड़े जा सके.

पीएम मोदी को लेकर खरगे के बयान पर बवाल

इससे पहले मल्लिकार्जुन खरगे के पीएम मोदी को लेकर एक बयान पर खूब बवाल हुआ. वह हाल ही में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां उन्होंने पीएम मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद बीजेपी उनपर हमलावर हो गई. इसके बाद दिल्ली, जयपुर, पटना, भोपाल, कोलकाता सहित देश के कई राज्यों में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया.

जयराम रमेश ने भी ज्ञानेश कुमार पर बोला हमला

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी SIR को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने कल शाम सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दाखिल किया है, वह भ्रामक, छलपूर्ण और दोहरी नीयत से भरा है. यह खुद चुनाव आयोग के लिए भी बेहद नुकसानदेह है. उन्होंने पोस्ट के माध्यम से कई आरोप लगाए और कहा कि SIR प्रक्रिया में कई गैरकानूनी कार्रवाइयां और नियमों के उल्लंघन सामने आए हैं. लगभग हर राज्य में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 का दुरुपयोग किया गया है.

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