पीएम मोदी को टारगेट करती कांग्रेस के अरमानों पर बीजेपी ने पानी कैसे फेर दिया?

पीएम मोदी को टारगेट करती कांग्रेस के अरमानों पर बीजेपी ने पानी कैसे फेर दिया?

नरेंद्र मोदी को हरा ना पाने का फ्रस्ट्रेशन अब राहुल गांधी एंड टीम के एक्शन से लेकर बयानों तक में भर भर कर दिखने लगा है. कभी पीएम मोदी की मां को चुनावी मंच से गाली दे दी जाती है, तो कभी मेलोनी को लेकर अभद्र टिप्पणी की जाती है. कभी नीच तो कभी मौत का सौदागर बोला जाता है. और अब तो पीएम मोदी के बाप तक चले गए हैं ये लोग. मतलब कांग्रेस ना सुधरने को तैयार है. ना सीखने को तैयार है. ऐसा लगता है किसी ने इनको फर्जी अग्रेसिवनेस का चूरन चटा दिया है, जिसके चक्कर में कार्यकर्ता से लेकर बड़े-बड़े नेता तक फुल अग्रेसिव दिखने का प्रयास करते हैं और कांड कर देते हैं. और कांड पर आधे लोग लीपापोती करते हैं तो आधे उस आग में अलग से घी डालते हैं. मतलब एक टीम की तरह खेल भी नहीं पाते ये लोग और उसके बाद कहते हैं कि वोट चोरी से मोदी चुनाव जीतते हैं.

पटना में जिस हॉल को पूरा भर तक नहीं पाए, अपने कार्यक्रम में खरगे उसमें ऐलान कर रहे थे कि मोदी का बाप भी जाएगा. उधर राहुल गांधी 1 नवंबर को दिल्ली में अलग लाखों की भीड़ लाने की तैयारी में हैं. लेकिन बीजेपी भी अब खुलकर जवाब दे रही है. बीजेपी ने देशभर में आज मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के विरोध में मोर्चा खोल दिया. अमित शाह से लेकर राजनाथ सिंह तक कांग्रेस की ऐसी सोच पर सवाल उठा रहे हैं. लेकिन इसके बाद जो हुआ है, वो आप देखेंगे तो हैरान रह जाएंगे. टीम राहुल गाली वाली भाषा में बिजी है, लेकिन नरेंद्र मोदी क्या करके चुनाव पर चुनाव जीत रहे हैं आज आपको बताऊंगा…

कुल्हाड़ी पर ही पैर मार देती है कांग्रेस

नरेंद्र मोदी से लड़ने की जब भी बात आती है तो कांग्रेस पैरों पर कुल्हाड़ी नहीं, बल्कि कुल्हाड़ी पर ही पैर मार देती है. राहुल गांधी के बारे में तो लोग पहले ही कहते रहे हैं कि जिस तरह का राहुल गांधी का हाल है, उसमें वो कांग्रेस को पूरी तरह से डुबो कर ही मानेंगे. लेकिन राहुल गांधी तो जो कर रहे हैं, वो कर ही रहे हैं. राहुल गांधी की टीम का भी वही हाल है. यानी पूरे कुएं में ही भांग पड़ी है. कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे नरेंद्र मोदी के बाप तक पहुंच गए. आप सोचिए कि इतने सीनियर नेता, 84 साल की उम्र, और इसके बावजूद लैंग्वेज ऐसी. प्रधानमंत्री के लिए ऐसे शब्द. जो इनका ही नुकसान करा देगा. लेकिन कौन इन्हें इस तरह की सलाह दे रहा है. पहले मोदी की मां को गाली दी थी तो बिहार इलेक्शन हाथ से चला गया था, अब मोदी के पिता तक बात करने लगे हैं तो क्या-क्या होगा, लेकिन इनकी दिक्कत ये है कि बार-बार नरेंद्र मोदी से इसी बात पर मुंह की खाने के बावजूद ये बात इनमें से किसी को समझ में नहीं आ रही कि नरेंद्र मोदी को गाली देने से नुकसान मोदी का नहीं, नुकसान इन्हीं लोगों का है. क्योंकि आप देखिए कि बीजेपी ने जबरदस्त मोर्चा खोल दिया है.

‘मोदी कहीं नहीं जाएगा…’

चाहे सड़कों की बात हो चाहे सोशल मीडिया की बात हो. बीजेपी भी फ्रंट फुट पर आ गई है. आप देखिए कि सोशल मीडिया पर बीजेपी ने क्या जबरदस्त माहौल बना दिया. कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को निशाना बनाते हुए बीजेपी अब ये नारा गढ़ दिया है कि मोदी कहीं नहीं जाएगा. बीजेपी ने बैक टू बैक कई पोस्ट किए. जिसमें ये कह गया कि ‘कांग्रेस और राहुल गांधी ध्यान से सुन लें. मोदी कहीं नहीं जाएगा’

यानी रिजीम चेंज वाले नैरेटिव के बीच कांग्रेस ने बैठे बिठाए बीजेपी को मुद्दा दे दिया है. और खुद ही कुल्हाड़ी पर अपना पांव दे मारा. अब बीजेपी नेता सीधे सोनिया गांधी और राहुल गांधी को घेर रहे हैं. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ‘ये कांग्रेस पूरी तरह से अपनी दिवालिया मानसिकता की तरफ बढ़ रही है. जो मानसिकता वर्तमान की कांग्रेस में दिख रही है. कभी सोनिया गांधी जी ने किस तरह के शब्दों का प्रयोग किया, राहुल जी किस प्रकार की मर्यादा को तोड़कर शब्दों का प्रयोग करते हैं, तो उनके अध्यक्ष से भी उसी प्रकार के शब्द दिख रहे हैं.’

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा, ‘क्या बोल रहे हैं, ये भी भूल गए हैं. मानसिक संतुलन खो दिया है. लगता है कांग्रेस के DNA में ये चीज है. क्या राहुल गांधी या गांधी परिवार के इशारे पर ऐसा किया है? और अगर नहीं, तो क्या मल्लिकार्जुन खरगे से इस्तीफा लेंगे?’ वहीं गिरिराज सिंह ने कहा, ‘अरे माफी मांगो. और राहुल गांधी अगर इस पर अपनी टिप्पणी करेंगे, नहीं कहेंगे कि खरगे जी माफी मांगें, तो हम तब तक देश की जनता से कहते रहेंगे कि ये कांग्रेस पार्टी फ्रस्ट्रेशन में है.’

खरगे से भी आगे निकले इंडी के लोग

खरगे ने जो बात पीएम को कही है, वो कांग्रेस और इंडी को भयंकर नुकसान कराने वाली बात है, लेकिन आप देखिए कि इन्हें समझ में ही नहीं आ रहा है कि क्या इनका क्या नुकसान हो गया है. खरगे की बात का ये बचाव कर रहे हैं, कुछ लोग तो खरगे से आगे निकल गए हैं. आप सोचिए कि जिस बयान को लेकर इतना बवाल मचा है. उसका बचाव करना तो एक बात, इंडी के लोग इससे भी आगे की बात कर रहे हैं. आप देखिए कि ममता बनर्जी की सांसद महुआ मोइत्रा भी पीएम मोदी के खिलाफ किस तरह की भाषा बोल रही हैं. महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष के बयान का समर्थन करते हुए लिखा कि ‘सिर्फ बाप ही क्यों, बाप का बाप भी जाएगा, बहुत सही कहा खरगे जी आपने, हम अंत तक इसके लिए लड़ेंगे,भरोसा देते हैं.’

पहले इंडी वालों ने पीएम मोदी की मां को टारगेट किया था. अब ये लोग बाप पर गए हैं. ये वही महुआ मोइत्रा है जो विरोध में अंडे पड़ने पर हाईकोर्ट चले जाती हैं. जो अंडे के हमले की तुलना अंग्रेजों की गोलियों से कर रही थी. यानी अपने पर बात आई तो ये लोग फुल विक्टिम कार्ड खेलते हैं लेकिन आप इनकी खुद की भाषा देख लीजिए. इसी तरह की भाषा बंगाल चुनाव में अभिषेक बनर्जी बोल रहे थे. तब अभिषेक बनर्जी ने कहा था, ‘इस बार मैं खुद जिम्मेदारी संभालूंगा. 4 तारीख को 12 बजे के बाद मैं देखूंगा कि किस जल्लाद में कितनी ताकत है और किसका दिल्ली का बाप किसे बचाने आता है.’

खरगे के बचाव में उतरे कांग्रेस नेता

बीजेपी लगातार ये मांग कर रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए. लेकिन कांग्रेस के कई नेता उनके बयान को डिफेंड करने में लगे हैं. कोई कह रहा है कि उन्होंने बिल्कुल सही कहा कोई कह रहा है कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है. पहले ये लोग आपस में तय कर ले कि बयान सही दिया या मतलब गलत निकाला. सुनिए कांग्रेस नेता क्या क्या तर्क दे रहे हैं और कैसे बीजेपी पलटवार कर रही है

वहीं कांग्रेस नेता दानिश अली कह रहे हैं, ‘खरगे साहब ने जो कहा है, उसे पूरे परिप्रेक्ष्य में समझने की जरूरत है. जो वोट चोर हैं, जिन्होंने इस देश के लोकतंत्र पर डाका डाला है, जो इस देश के संविधान को खत्म करना चाहते हैं, उनके बाप भी जाएंगे और उनकी वो नाजायज़ औलादें भी जाएंगी. मैं एक कदम और आगे बोल रहा हूं, उनकी वो नाजायज़ औलादें भी जेल में जाएंगी, जिन्होंने इस देश के लोकतंत्र पर वोट चोरी करके डाका डालने का काम किया है.’

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, ‘सही कहा, खरगे साहब ने सही जवाब दिया है. इनको ऐसे ही जवाब मिलेंगे अब. इन्होंने गुंडागर्दी की इंतिहा कर दी है.’ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, ‘उनके बयान को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया.’

एक तरफ कांग्रेस के नेता पूरी ताकत से मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को डिफेंड करने में लगे हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस में कुछ नेता ऐसे भी हैं जो मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को और सुलगाने में लगे हैं. आप देखिए कि कांग्रेस नेता बी वी श्रीनिवास ने सोशल मीडिया पर एक AI Generated वीडियो पोस्ट किया है. जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दिख रहे हैं. पीछे एक घर जल रहा है. और खरगे की चाय पी रहे हैं. उनके हाथ में एक पोस्ट भी है जिस पर लिखा है कि उसका बाप भी जाएगा.

अब लोग इस वीडियो पर सवाल उठा रहे हैं कि मल्लिकार्जुन खरगे के पीछे ये घर जलने का वीडियो डालने का क्या मतलब है. दूसरी तरफ इंडी के नेता भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को डिफेंड नहीं कर रहे हैं. RJD नेता मनोज झा ने कहा, ‘खरगे जी बहुत अनुभवी व्यक्ति हैं. और उनसे ऐसी अपेक्षा नहीं रहती. इसमें कहीं कोई दो मत नहीं है. लेकिन आउटरेज सेलेक्टिव नहीं होना चाहिए.’

1 नवंबर की तैयारी में राहुल गांधी

इधर खरगे के बयान पर बवाल मचा है, उधर राहुल गांधी 1 नवंबर की तैयारी कर रहे हैं. 1 नवंबर को राहुल गांधी की रैली है जिसमें वो कह रहे हैं कि 10 लाख लोगों से रामलीला मैदान को भर देंगे. लेकिन आप ये भी देखिए कि दिल्ली के व्यापारी विरोध में उतर आए हैं. दिल्ली के चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने राहुल गांधी को लेटर लिखकर 1 नवंबर की रैली को टालने को कहा है. क्योंकि दीवाली का टाइम है. व्यापारियों को 10 हजार करोड़ का बिजनेस प्रभावित हो सकता है इसी को लेकर व्यापारी वर्ग में कांग्रेस की रैली-मार्च को लेकर नाराजगी है, इस नाराजगी पर राहुल गांधी भी डिफेंसिव हो गए हैं.

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में ये लिखा कि ‘दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं. मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया. जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं – न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य. मोदी जी से कहिए – आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा.’

राहुल गांधी अब अपनी राजनीति में व्यापारी वर्ग को भी लपेटे में लेने की कोशिश कर रहे हैं. जबकि व्यापारी वर्ग ये अपील कर रहा है कि आप अपनी रैली को 10 दिन के लिए टाल दीजिए. और बात सही भी है. जब राहुल गांधी के विदेश दौरे के हिसाब से रैली की तारीख तय हो सकती है. तो 10 दिन और टालने में क्या दिक्कत है. लेकिन कांग्रेस तो अपनी राजनीति की पड़ी है. कांग्रस नेता ये दावा कर रहे हैं कि 1 नवंबर की रैली के लिए 10 लाख लोगों के आने की बात कर रहे हैं. जबकि रामलीला मैदान की क्षमता ही 50 हजार है. तो सवाल ये है कि इतनी भीड़ आएगी तो दिल्ली का होगा क्या है.

और राहुल गांधी इसे चलो दिल्ली रामलीला मार्च का नाम दे रहे हैं. सवाल ये है कि इतनी भीड़ लेकर वो कहां मार्च करने वाले हैं. और जिस तरह की अग्रेसिव बयानबाजी अभी हो रही है. उससे तो कोई भी अनहोनी हो सकती है. इतनी भीड़ आएगी तो डर की वजह से ना बाजार खुलेंगे. ना आम लोग सड़कों पर उतरेंगे.

10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का दावा

कांग्रेस के नेता 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने की बड़ी बड़ी बातें कर रहे हैं. लेकिन आप देखिए कि कल पटना में कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यक्रम में कांग्रेस के नेता कुछ सौ कुर्सियां तक नहीं भर पाए. मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम में खाली कुर्सियां पड़ी थी. दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी ने कल वाराणसी का दौरा किया था. पीएम मोदी के रोड शो में भारी भीड़ दिखी थी. पीएम मोदी की एक झलक के लिए लोग काफी उत्साहित दिख रहे थे. इसी पर बीजेपी कांग्रेस को घेर रही ही है.

बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा, ‘उनकी मानसिकता कांग्रेस की दर्शाती है. इतने वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे जी से ऐसी उम्मीद नहीं थी. उनके पिता प्रधानमंत्री जी के अब इस दुनिया में नहीं हैं. उनको राजनीति में ये भाषा इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए. इससे पता चलता है कि कांग्रेस पूरी की पूरी अपना मानसिक संतुलन खो चुकी है. फ्रस्ट्रेटेड हो चुके हैं, दिवालियापन निकल चुका है. उनको पता है कि उन लोगों का कोई भविष्य नहीं है.’

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