भोपाल से लखनऊ 7 घंटे में, सागर, छतरपुर, महोबा, कानपुर तक हाई स्पीड कनेक्टिविटी, UP-MP का महामार्ग
Raisina News Desk- सितंबर 27, 2026 04:50 PM IST
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच भोपाल-लखनऊ एक्सप्रेसवे हाई स्पीड कनेक्टिविटी देने वाला है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट दोनों राज्यों की बीच नई लाइफलाइन बनकर निकलेगा. यह हाईवे भोपाल से शुरू होकर सागर, महोबा पर से गुजरते हुए कानपुर से कनेक्टिविटी लेते हुए लखनऊ तक जाएगा. इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की वजह से दोनों राज्यों के बीच कनेक्शन मजबूत हो जाएगा. एमपी और यूपी दोनों राज्यों में अलग-अलग खंडों में इसका काम चल रहा है. भोपाल से लखनऊ के बीच अभी 14 घंटे का समय लगता था, लेकिन इस मेगा एक्सप्रेसवे की वजह से यह सफर महज 7 घंटे में पूरा जाएगा. यह प्रोजेक्ट करीब 600 किलोमीटर लंबा है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है.
भोपाल से लखनऊ के सफर में अभी 14 से 15 घंटे का समय लगता है. फिलहाल झांसी और पुराने रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है. लेकिन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बाद न केवल रूट बदल जाएगा. बल्कि इस नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 7 घंटे रह जाएगा. समय में 50 फीसदी की बचत होगी. 4 से 6 लेन वाले कंट्रोल-एक्सेस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी. एमपी और यूपी की राजधानी के बीच जोरदार कनेक्शन हो जाएगा. इसलिए इसे मेगा एक्सप्रेसवे कहा जा रहा है.
600 किलोमीटर लंबा यह भोपाल लखनऊ एक्सप्रेसवे तीन चरणों में पूरा किया जा रहा है. तीनों चरणों को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में इसे पूरा किया जा रहा है. क्योंकि यह मेगा प्रोजेक्ट दोनों राज्यों के बीच होने की वजह से जमीन अधिग्रहण से लेकर दूसरी प्रक्रियाओं में समय लगा है.
पहले चरण में इसे कानपुर से महोबा जिले के कबरई के बीच 112 से 118 किलोमीटर लंबा हिस्सा बनाया जा रहा है. यह पूरी तरह ग्रीनफील्ड रूट है, जो कानपुर रिंग रोड (रमाईपुर) से शुरू होकर कबरई तक जाएगा। इस फेज पर लगभग 5 हजार 757 करोड़ की लागत आ रही है.
उत्तर प्रदेश के कबरई से मध्य प्रदेश के सागर के बीच लगभग 223 किलोमीटर का हिस्सा बनाया जाएगा. यह हिस्सा बुंदेलखंड के केंद्र से होकर गुजरेगा. जिससे यह शहर की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी.
तीसरे चरण में इसे सागर से भोपाल के बीच तैयार किया जाएगा. लगभग 150 किलोमीटर का यह खंड भोपाल को सागर और आगे यूपी से सीधे जोड़ेगा. कानपुर पहुंचने के बाद यह एक्सप्रेसवे शहर की आउटर रिंग रोड के माध्यम से सीधे निर्माणाधीन कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगा, जिससे लखनऊ तक बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधा रास्ता मिलेगा.
भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस कॉरिडोर तेजी आई है. कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड खंड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के सागर, विदिशा और महोबा के क्षेत्रों में भी फोर-लेन चौड़ीकरण और नए बाईपास के निर्माण के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर जमीन से जुड़े कामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इस एक्सप्रेसवे का डिजाइन बेहद आधुनिक रखा गया है. स्थानीय किसानों और ग्रामीण ट्रैफिक को सुरक्षा देने के लिए जगह-जगह एलिवेटेड सेक्शन और अंडरपास बनाए जा रहे हैं ताकि एक्सप्रेसवे की रफ्तार प्रभावित न हो.