INDIA गठबंधन के मार्च को लेकर FIR, जंतर मंतर पहुंचे सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने हिरासत में लिया
Raisina News Desk- अक्टूबर 13, 2026 10:38 AM IST
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार तड़के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को हिरासत में लिया है. वह कुछ लोगों के साथ जंतर मंतर पर पहुंचे थे. सौरव दास के अलावा, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को भी डिटेन किया गया है. इन पर गृहमंत्रालय के निषेध के बावजूद जंतर मंतर पर फिर से प्रदर्शन का प्रयास करने का आरोप लगा है. वहीं, इससे कुछ देर पहले दिल्ली पुलिस ने सोमवार को हुई इंडिया गठबंधन के मार्च को लेकर दो FIR दर्ज की है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, इसके नेशनल स्पोक्सपर्सन आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे 20 वॉलंटियर्स के साथ आज सुबह जंतर-मंतर पहुंच गए थे. इन सभी को हिरासत में लिया गया है. इससे पहले 10 अक्टूबर को भी पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को डिटेन किया था.
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी आंदोलन के बीच गृह मंत्रालय ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी थी. साथ ही इसके स्थान पर दिल्ली में प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थल निर्धारित किए गए. इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान शामिल है.
वहीं, निषेध के बावजूद जंतर मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने के लिए CJP के नेता पहुंचे थे, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इससे पहले शनिवार को भी सीजेपी नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को डिटेन किया गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने एक साल तक शांति बनाने रखने की शर्त पर तीनों को रिहा किया था.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समेत पूरा विपक्ष चुनाव आयोग में कथित अनियमितता और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. बीते दिन यानी सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस, सपा और राजद समेत पूरा इंडिया गठबंधन ने दिल्ली की सड़कों पर मार्च किया और सुप्रीम कोर्ट कूच पर अड़े थे.
हालांकि, पुलिस ने इंडिया गठबंधन के इस मार्च को सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले मंडी हाउस के पास ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. साथ ही मामले में दो FIR भी दर्ज की. इसमें एक FIR बाराखंभा रोड और दूसरी तिलक मार्ग थाने में दर्ज की गई है. दिल्ली पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी. साथ ही मार्च के दौरान बैरिकेड्स को तोड़ने का आरोप है.