राष्ट्रीय राजधानी में बम धमाके की धमकी देने वाले एक युवक को पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी सूरज वर्मा ने अपने दोस्त सुमन कुमार को यह धमकी दी थी। जांच में सामने आया कि यह कॉल एक डरावना मजाक था।
उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि 27 अक्तूबर की रात मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल मिली थी। इंदिरा विकास कॉलोनी निवासी सुमन कुमार ने बताया कि उसे धमकी भरा फोन आया है। फोन करने वाले ने दावा किया कि लाहौर से चलने वाला एक संगठन उन पर नज़र रख रहा है। उसने दिल्ली में बम धमाके करने के लिए सुमन और उसके रूममेट रोहित कुमार को चुना है। सुमन ने पुलिस को बताया कि फोन करने वाले ने धार्मिक अभिवादन से बात शुरू की थी। धमकी को गंभीरता से लेते हुए सुमन ने तुरंत इमरजेंसी हेल्पलाइन के जरिये पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने 29 अक्तूबर को मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर 48 घंटे में मामले को सुलझाया।
आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों ने टेलीकम्युनिकेशन रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया। इससे उन्हें उस लैंडलाइन नंबर का पता चला, जिसका इस्तेमाल कानपुर से कॉल करने के लिए हुआ था। पुलिस की एक टीम कानपुर गई और स्थानीय पुलिस की मदद से चिह्नित जगह पर छापा मारा। एएसआई चंद्र सिंह और हवलदार की टीम ने 23 वर्षीय सूरज वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
मजाक था धमकी भरा फोन
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी सूरज वर्मा पहले इंदिरा विकास कॉलोनी में ही रहता था। वह सुमन कुमार को जानता था और उससे मजाक करने के लिए यह कॉल किया था। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने रिश्तेदार के लैंडलाइन का इस्तेमाल किया था। उसने कॉल करते समय जानबूझकर अपनी आवाज़ भी बदल ली थी। जांच से स्पष्ट हुआ कि लाहौर से कथित संबंध और बम धमाकों की धमकी पूरी तरह से मनगढ़ंत थी।