अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर, कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को उपनिषदों के एक ऐसे ‘मंत्र’ को याद किया, जिसे उन्होंने बचपन में राहुल से दोहराने के लिए कहा था। राहुल ने इसे अपनी दादी की ओर से मिला एक ‘खूबसूरत तोहफा’ बताया। राहुल गांधी ने शक्ति स्थल 1, सफदरजंग रोड स्थित इंदिरा गांधी के स्मारक पर जाकर उन्हें पुष्पांजलि भी अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, ‘आपकी गोद में बैठा हूं। आपके दोनों हाथ थामे हुए हूं। आपकी आवाज में ये शब्द सुन रहा हूं। आपके पीछे-पीछे इन्हें दोहरा रहा हूं। असतो मा सद्गमय; तमसो मा ज्योतिर्गमय; मृत्योर्मा अमृतं गमय; ॐ शांति, शांति, शांति।’
राहुल गांधी ने कहा, ‘दादी, आपने मुझे कितना खूबसूरत तोहफा दिया है। क्या कमाल का तोहफा है। मैंने कभी सोचा भी नहीं था।’ राहुल गांधी द्वारा साझा किया गया यह ‘मंत्र’ बृहदारण्यक उपनिषद से लिया गया है। इस ‘मंत्र’ का सार एक प्रार्थना है, जो इंसान को असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरता की ओर ले जाने की कामना करती है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपनी दादी इंदिरा गांधी को याद किया। उनके साथ अपनी बचपन की एक तस्वीर साझा करते हुए, प्रियंका ने इंदिरा का वर्णन कुछ इस तरह किया, ‘आसमान की तरह मुक्त, समंदर की तरह गहरी, धरती की तरह अडिग और जलती हुई आग से भी अधिक तेजस्वी।’ भारत की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्तूबर, 1984 को नई दिल्ली में उनके ही अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी। वह जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक, और फिर जनवरी 1980 से अपनी मृत्यु तक देश की प्रधानमंत्री रहीं।