ISRO ने लॉन्च किया NVS-03 सैटेलाइट, नेविगेशन सिस्टम को मिलेगी मजबूती
Raisina News Desk- अक्टूबर 31, 2026 06:29 AM IST
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपना नया नेविगेशन सैटेलाइट लॉन्च कर दिया है. इस मिशन का नाम जीएसएलवी-एफ18 / एनवीएस-03 है. इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से रात 11 बजकर 51 मिनट पर लॉन्च किया गया. यह जीएसएलवी (GSLV) रॉकेट की 20वीं उड़ान है, जो इस सैटेलाइट को अंतरिक्ष में उसके सही ठिकाने पर पहुंचाएगी.
यह एनवीएस-03 भारत की सेकंड जेनरेशन की नेविगेशन सैटेलाइट सीरीज का तीसरा उपग्रह है. इसे भारत के अपने जीपीएस सिस्टम ‘NavIC’ (नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन) को और आधुनिक बनाने के लिए भेजा जा रहा है. आसान शब्दों में कहें तो यह सैटेलाइट भारत और उसकी सीमाओं से लगभग 1,500 किलोमीटर दूर तक के इलाके में बिल्कुल सटीक लोकेशन, रास्ते और समय की जानकारी देने में मदद करेगा.
जानें सैटेलाइट की खासियत
इस सैटेलाइट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें भारत में बनी स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक लगाई गई है, जो सटीक समय बताने का काम करती है. इसके अलावा इसमें नए L1 सिग्नल को जोड़ा गया है, जिससे आम लोगों के स्मार्टफोन और गाड़ियों में नेविगेशन सेवाएं और भी बेहतर तरीके से काम करेंगी.
भारत का यह नेविगेशन सिस्टम दो तरह की सेवाएं प्रदान करता है- आम नागरिकों के लिए ‘स्टैंडर्ड सर्विस’ और सुरक्षा बलों के लिए ‘रिस्ट्रिक्टेड सर्विस’. स्टैंडर्ड सर्विस का इस्तेमाल आम लोग रोजमर्रा के रास्तों और लोकेशन जानने (जैसे गूगल मैप्स) के लिए करते हैं, वहीं दूसरी सेवा पूरी तरह से सुरक्षित और सीक्रेट (एन्क्रिप्टेड) होती है, जिसे केवल देश की सेना और अधिकृत सुरक्षा एजेंसियां ही इस्तेमाल कर सकती हैं.
नेविगेशन नेटवर्क का विस्तार
इसरो ने मौजूदा ‘नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन’ ग्रुप को बेहतर सुविधाओं के साथ बढ़ाने और सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए सेकंड जेनरेशन के पांच नेविगेशन सैटेलाइटों की योजना बनाई है. इस सीरीज का पहला सैटेलाइट एनवीएस-01, जीएसएलवी-एफ12 मिशन के तहत 29 मई 2023 को लॉन्च किया गया था. यह पहली बार था जब किसी भारतीय नेविगेशन सैटेलाइट पर स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक उड़ाई गई थी. एनवीएस-03 इस सीरीज का तीसरा सैटेलाइट है, जिसका उद्देश्य मौजूदा L5 और एस सिग्नल के साथ L1 सिग्नल को शामिल करके समूह की क्षमताओं को और मजबूत करना है.