अरब सागर में फिर गरजी भारतीय नौसेना, 3000 KM दूर समुद्री लुटेरों से 20 क्रू मेंबर्स को छुड़ाया

अरब सागर में फिर गरजी भारतीय नौसेना, 3000 KM दूर समुद्री लुटेरों से 20 क्रू मेंबर्स को छुड़ाया

भारतीय नौसेना ने सोमवार को एक बार फिर समंदर में एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया है. नेवी ने अरब सागर में  मुंबई से 3 हजार किलोमीटर से ज्यादा दूर समुद्री लुटेरों के कब्जे में फंसी मछली पकड़ने वाली नाव ‘अजिनी’ के सभी 20 क्रू मेंबर्स को बचाया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि इस सफल ऑपरेशन को 48 घंटे में अंजाम दिया गया.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘भारतीय नौसेना को एक और शानदार सफलता पर बहुत-बहुत बधाई. 2 नवंबर को अरब सागर में मुंबई से 3,000 किलोमीटर दूर मछली पकड़ने वाली बोट अजिनी और उसके सभी 20 क्रू मेंबर्स को 48 घंटे के ऑपरेशन में सुरक्षित बचा लिया गया.’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शेयर किया वीडियो

उन्होंने लिखा, ‘भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों का तेजी से पता लगाना, उन्हें रोकना और बोट को छुड़ाना हमारी नौसेना की बेहतरीन तैयारी को दिखाता है. इस पूरे मिशन में भारतीय वायु सेना से भी समय पर पूरी मदद मिली. हमारे जांबाज सैनिकों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत अपने लोगों की रक्षा करने और हिंद महासागर में सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्षम है. भारत समंदर को सुरक्षित और शांत बनाए रखने के लिए हमेशा मजबूती से खड़ा है.’

सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट पर शिप को अगवा किया

समुद्री लुटेरों ने इससे पहले गुरुवार (29 अक्टूबर) को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास ‘अजिनी’ नामक जहाज को अगवा कर लिया था. तब ये डर था कि ये लोग इसका इस्तेमाल दूसरे व्यापारिक जहाजों पर हमला करने के लिए कर सकते हैं. बंदार बायला और हाफुन शहरों के बीच 12 डाकुओं ने हथियार लहराते हुए इस नाव पर कब्जा कर लिया था. उस समय नाव पर 21 ईरानी क्रू मेंबर्स और दो सोमाली सुरक्षा गार्ड मौजूद थे, यानी कुल मिलाकर 23 लोग सवार थे.

इस घटना के बाद मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने चेतावनी जारी की थी कि लुटेरे इस नाव को एक ‘मदर शिप’ की तरह इस्तेमाल करके व्यापारिक जहाजों को निशाना बना सकते हैं. पिछले कुछ महीनों में अदन की खाड़ी और पश्चिमी हिंद महासागर में सोमाली डाकुओं के हमले फिर से बढ़ गए हैं. अप्रैल से अगस्त के बीच ही समुद्री लुटेरे 6 व्यापारिक जहाजों का अपहरण कर चुके थे, जिनमें यमन के तट के पास से कब्जे में लिया गया तेल टैंकर ‘सिबू 1’ भी शामिल था.

सितंबर में हुई एक अन्य घटना में पंटलैंड के अधिकारियों ने बताया था कि समुद्री डाकुओं ने टैंकर ‘एमटी ऑनर 25’ के पांच क्रू मेंबर्स की हत्या कर दी थी. यह टैंकर अप्रैल से ही डाकुओं के कब्जे में था, जिसे बाद में सुरक्षा बलों ने छुड़ाया और 16 संदिग्ध डाकुओं को गिरफ्तार किया गया.

भारतीय नौसेना ने दिखाई मुस्तैदी

अंतरराष्ट्रीय नौसेना की गश्त और बेहतर सुरक्षा इंतजामों के कारण पिछले एक दशक में सोमालिया के पास समुद्री डकैती काफी कम हो गई थी. हालांकि, हालिया अपहरण की घटनाओं ने लंबी समुद्री तटरेखा वाले इस इलाके में डाकुओं के बढ़ते खतरे को लेकर चिंताएं फिर बढ़ा दी है. ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में भारतीय नौसेना द्वारा ‘अजिनी’ के सभी कर्मचारियों को 48 घंटे के भीतर सुरक्षित बचाना एक बड़ी कामयाबी है. यह दिखाता है कि भारत समंदर में लोगों की जान बचाने और समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए हमेशा मुस्तैद और प्रतिबद्ध है.

Prev Post
Next Post