असम में बाढ़ का कहर जारी, 75 लोगों की मौत; पीड़ितों को 9 लाख रुपये तक की मदद, 45 हजार हेक्टेयर फसल पानी-पानी
Raisina News Desk- जुलाई 29, 2026 11:27 AM IST

गुवाहाटी:
Assam Floods Death Toll: असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है. पिछले 24 घंटों में सात और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है. आपदा रिपोर्टिंग एवं सूचना प्रबंधन प्रणाली (DRIMS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सभी सात मौतें शिवसागर जिले में डूबने के कारण हुई हैं. लाखों लोग अब भी बाढ़ के प्रभाव से जूझ रहे हैं, जबकि हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है. हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने व्यापक राहत एवं पुनर्वास पैकेज की घोषणा की है, जिसमें मृतकों के परिवारों, छात्रों और गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है.
असम राज्य आपदा प्रबंधन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान शिवसागर जिले में सात लोगों की डूबने से मौत हुई. इसके साथ ही इस वर्ष की बाढ़ में मरने वालों की संख्या 75 तक पहुंच गई है. फिलहाल शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं. प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहा है.
Assam Floods: जनजीवन प्रभावित
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ताजा रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 21 राजस्व सर्किलों के 622 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. कुल 3,32,639 लोग इस आपदा का सामना कर रहे हैं. कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
बाढ़ का व्यापक असर खेती-किसानी पर पड़ा है. रिपोर्ट के अनुसार 45,341.98 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अभी भी पानी में डूबा हुआ है. धानसिरी नदी नूमालीगढ़ में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. हालांकि अभी किसी नदी के सर्वोच्च बाढ़ स्तर को पार करने की सूचना नहीं है.
Assam Floods: हर जगह पानी
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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहत पैकेज का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार प्रभावित लोगों के पुनर्वास में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. सरकार ने बाढ़ में मृत लोगों के परिजनों को मिलने वाली 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 5 लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस तरह प्रत्येक प्रभावित परिवार को कुल 9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. सरकार ने यह भी फैसला किया है कि बाढ़ से हुई मौतों के मामलों में अनुग्रह राशि प्राप्त करने के लिए पोस्टमार्टम की अनिवार्यता नहीं होगी.
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 30 दिनों से अधिक समय से लापता व्यक्तियों के परिजनों को भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी. इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक अपने परिजनों के बारे में अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं.
Assam Floods: बचाव कार्य जारी
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मुख्यमंत्री ने कहा कि एक लाख से अधिक गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के तौर पर 15,000 रुपये नकद सहायता दी जाएगी. इस राशि का उपयोग परिवार भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकेंगे.
बाढ़ से प्रभावित छात्रों के लिए भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. 1 अगस्त से उच्च माध्यमिक छात्रों को 1,000 रुपये, स्नातक छात्रों को 3,000 रुपये और स्नातकोत्तर छात्रों को 5,000 रुपये का पुस्तक अनुदान दिया जाएगा. इसके अलावा सभी स्कूली छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी तथा स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी. बाढ़ में खोए कक्षा 10 और 12 के अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र भी छात्रों को नि:शुल्क दोबारा जारी किए जाएंगे.
सरकार ने घोषणा की है कि 1 अगस्त से ‘ओरुनोदोई’ योजना फिर शुरू की जाएगी. चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट और शिवसागर जिलों के लाभार्थियों को अगस्त माह के लिए 2,500 रुपये की विशेष अतिरिक्त किस्त भी दी जाएगी.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों के पुनर्वास, किसानों को राहत पहुंचाने और छात्रों की शिक्षा को प्रभावित होने से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. हालांकि कई जिलों में जलभराव और नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अब भी हाई अलर्ट पर है और बचाव अभियान लगातार जारी है.