ऋतुजा पाटिल की वजह से लीक हुआ MPSC पेपर, 10 सवालों के गलत जवाब से कैसे खुला राज?
Raisina News Desk- सितंबर 02, 2026 07:11 PM IST

MPSC Drug Inspector Paper Leak: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में पुलिस ने सातवीं रैंक हासिल करने वाली उम्मीदवार ऋतुजा पाटिल को गिरफ्तार किया है. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे नंदुरबार से पकड़ा, जिसके बाद अदालत ने उसे 5 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. 10 सवालों के जानबूझकर गलत जवाब देने से पेपर लीक का पूरा राज खुल गया और सलाखों के पीछे पहुंच गई.
मामला 22 मार्च 2026 को आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) स्क्रीनिंग परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक से जुड़ा है. इससे पहले क्राइम ब्रांच इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के तीन अधिकारी भी शामिल हैं. अब सातवीं रैंक लाने वाली उम्मीदवार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र लीक का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन शामिल हैं?
मीडिया की खबरों के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने बताया कि महाराष्ट्र ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 का पेपर ऋतुजा पाटिल के पास परीक्षा शुरू होने से पहले ही पहुंच गया था. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने ऋतुजा पाटिल को सख्त हिदायत दी थी कि वह जानबूझकर दस सवालों के गलत जवाब दे, ताकि उसके चयन पर किसी को शक न हो. इसके बावजूद ऋतुजा पाटिल ने पूरे प्रदेश में सातवीं रैंक हासिल की. जब यह पूरा मामला उजागर हुआ और जाँच का दायरा बढ़ा, तो ऋतुजा पाटिल भी शिकंजे में आ गई. इसके अलावा, MPSC के असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर विश्वेश्वर दत्तात्रेय नकाते, गोपाल भट्टू मराठे और अंडर सेक्रेटरी अभिजीत गणपतराव लेंदवे को भी गिरफ्तार किया गया है.
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने 29 जुलाई 2025 को ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती की विज्ञप्ति जारी की थी. 22 मार्च को पूरे प्रदेश में छह संभाग मुख्यालयों पर ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करवाई गई. 12 जून 2026 को नतीजे घोषित किए गए.
महाराष्ट्र ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में 506 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चुने गए थे. 1 से 22 जुलाई के बीच हुए इंटरव्यू में 488 उम्मीदवार शामिल हुए. इसके बाद एमपीएससी ने मेरिट लिस्ट जारी की. 485 उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई. 3 को अयोग्य घोषित कर दिया गया था. 22 से 26 जुलाईके बीच आयोग के पेपर लीक की शिकायतें पहुंचनी शुरू हो गई थी.
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