कांग्रेस में नए राष्ट्रीय सचिवों का ऐलान जल्द, राहुल-प्रियंका ने मौजूदा सचिवों के काम का भी हिसाब लिया

राहुल और प्रियंका गांधी

कांग्रेस संगठन में नए राष्ट्रीय सचिवों की नियुक्ति को लेकर सवा सौ से ज्यादा नेताओं के इंटरव्यू के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने दस जनपथ पर पार्टी के मौजूदा सचिवों से मुलाकात कर उनके काम का हिसाब-किताब लिया. सूत्रों के मुताबिक- यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द कांग्रेस संगठन में नए सचिवों का एलान कर दिया जाएगा. दो हफ्ते पहले ही कांग्रेस नेतृत्व ने एक महासचिव की छुट्टी की, दो महासचिवों के तबादले किए तीन नए प्रभारी नियुक्त किए. अब बारी राष्ट्रीय सचिवों की है. ये सचिव प्रभारी और प्रभारी महासचिवों के साथ अपने प्रभार वाले राज्यों में पार्टी आलाकमान की आंख-कान बन कर काम करते हैं. 

सूत्रों के मुताबिक- राहुल और प्रियंका ने मौजूदा सचिवों से पूछा कि उन्हें संगठन के काम-काज में क्या दिक्कतें आती हैं? जिस राज्य में उन्हें जिम्मेदारी दी गई है वहां वो कितने दिन जाते हैं और दौर के समय वो रात्रि विश्राम कहां करते हैं? नेताओं ने सचिवों से यह भी जानना चाहा कि उनके रुकने की व्यवस्था कौन करता है? संबंधित राज्य के मुद्दे और वहाँ के मजबूत नेताओं के बारे में बताने को भी कहा गया.  सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि राहुल गांधी ने सचिवों को सलाह दी है कि वो अपने राज्यों में कम से कम दो हफ़्ते समय दें. 

दस जनपथ पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इंटरव्यू के बाद एक सचिव ने बताया कि प्रियंका गांधी काफी दिलचस्पी से सवाल कर रही थीं. उन्होंने महिला नेताओं से ख़ास तौर पर पूछा कि बतौर महिला उन्हें फील्ड में क्या दिक्कतें आती हैं?  इससे पहले नए सचिवों की नियुक्ति के लिए हुए इंटरव्यू में भी दोनों नेताओं ने संगठन, विचारधारा और पार्टी के कामकाज से जुड़े कुछ सहज सवाल पूछे तो कुछ बेहद पेचीदा! सूत्रों के मुताबिक-एक समूह से राहुल गांधी ने कांग्रेस सरकार की एक ख़ामी बताने को कह दिया. चार दिनों में करीब 140 नेता इंटरव्यू में शामिल हुए. इस पूरी प्रक्रिया में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे. 

कांग्रेस ने अगस्त 2026 में 75 राष्ट्रीय सचिव बनाए गए थे, जिनमें कुछ सहसचिव भी शामिल थे. बीते दो सालों में इनके से करीब 20 नेताओं को संगठन और सरकार में दूसरी जिम्मेदारी मिल गई और कुछ की छुट्टी हो गई. अब संगठन में नए सचिवों के लिए जगह बनाने के लिए बचे हुए करीब 55 सचिवों में से कुछ की राष्ट्रीय टीम से विदाई होगी. जून में राहुल गांधी और खरगे के सामने इनके कामों की समीक्षा की जा चुकी है. अंतिम फैसला करने से पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सब से उनके काम-काज और अनुभवों को लेकर नए सिरे से सवाल किए. नए सचिवों की नियुक्ति के लिए जिस तरह करीब 140 नेताओं के इंटरव्यू हुए हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि इनमें से एक तिहाई की जगह बनाने के लिए भी मौजूदा सचिवों में से आधे लोगों की छुट्टी करनी पड़ेगी. छंटनी और नई नियुक्तियों में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधने की पूरी कोशिश की जाएगी. पार्टी का मुख्य मक़सद 2029 लोकसभा चुनाव के लिए एक मजबूत टीम तैयार करना है. 




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