दोहरे मापदंडों पर राहुल गांधी को घेरने की तैयारी… क्या है बीजेपी की नई रणनीति?
Raisina News Desk- अगस्त 11, 2026 06:34 PM IST

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को घेरने के लिए बीजेपी ने नई रणनीति बनाई है. मंगलवार को एनडीए सांसदों की साप्ताहिक बैठक मंगल मिलन संपन्न हो गई. बैठक समाप्त होते ही एनडीए सांसदों ने विपक्ष खासतौर से राहुल गांधी को खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया. एनडीए ने कहा सरकार चर्चा को तैयार है, गृह मंत्री हर मुद्दे पर जवाब देने को तैयार हैं फिर राहुल चर्चा से क्यों भाग रहे हैं.
बीजेपी ने झारखंड में छात्रों पर कार्रवाई का विरोध भी किया. पार्टी ने विपक्ष के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए. तर्क दिया गया कि जंतर मंतर पर पुलिस कार्रवाई पर हंगामा करने वाला विपक्ष रांची की घटना पर चुप क्यों है.
मंगलवार को मकर द्वार पर भी विपक्ष और एनडीए के सांसद आमने-सामने आ गए. एनडीए का कहना रहा कि कांग्रेस झारखंड में सरकार में शामिल है, ऐसे में राहुल को बताना चाहिए कि छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ. केंद्र सरकार ने यह जानकारी भी दी है कि वो चढ़ावा चोरी मुद्दे पर भी चर्चा के लिए तैयार है. सरकार ने शर्त रखी है कि पहले विपक्ष जंतर मंतर पर कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा करे और गृह मंत्री को सुने.
वैसे इस समय बीजेपी कांग्रेस को अलग-थलग करने की कोशिश में भी लगी हुई है. पार्टी के मुताबिक एफसीआरए बिल के मुद्दे पर विपक्ष बंट गया है. कांग्रेस इसे वापस लेने की मांग कर रही है वही कुछ अन्य विपक्षी दल इसे जेपीसी को भेजने की मांग कर रहे हैं.
बीजेपी की राहुल को घेरने की यह रणनीति तब सामने आई है जब सोमवार को नेता प्रतिपक्ष ने रांची विरोध प्रदर्शन पर खुलकर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना गलत है. छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है. झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए.
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भी राहुल गांधी ने यही मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों के लिए मेरा संदेश साफ है कि हम शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की हिंसा की निंदा करते हैं. इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि यह कहाँ हो रहा है, हम इसकी निंदा करते हैं, हम इसके ख़िलाफ़ हैं, हम इसकी सलाह नहीं देते और न ही इसका समर्थन करते हैं… जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है, तब तक उस प्रदर्शन पर हिंसात्मक कार्रवाई करना, हम इसके खिलाफ हैं.”