पंजाब में एक और भर्ती पर हाई कोर्ट की रोक; फार्मासिस्ट के बाद अब ग्रामीण आजीविका मिशन की नौकरी पर सवाल

चंडीगढ़:

Punjab Paper Leak: पंजाब में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक के बाद अब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन PSRLM (Punjab State Rural Livelihoods Mission) के तहत होने वाली भर्ती प्रक्रिया पर भी अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. अदालत ने 41 ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और 44 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर पदों की भर्ती से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद यह फैसला लिया. याचिकाकर्ताओं ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और अंकों के आवंटन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया था. इस घटनाक्रम के बाद राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं और सरकार की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े हो गए हैं.

किसे कितने नंबर मिले हैं पता ही नहीं : याचिकाकर्ता

बुधवार को उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद PSRLM के तहत 41 ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और 44 क्लस्टर कोआर्डिनेटर की भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई 2 सितंबर तक रोक लगा दी है. इसकी भर्ती प्रक्रिया जनवरी में शुरू हुई थी और फरवरी में नतीजे घोषित हुए थे. इस परीक्षा में 70 नंबर का पेपर था, जबकि 10 नंबर इंटरव्यू, 10 नंबर क्वॉलिफिकेशन और 10 नंबर एक्सपीरियंस के लिए रखे गये थे. 

याचिकाकर्ताओं ने याचिका में कहा था कि जो नतीजे जो घोषित हुए हैं, उनमें पेपर के अलावा बाकी के जो 30 नंबर हैं. उनको लेकर स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है किसे कितने नंबर मिले हैं. केवल कुल नंबर ही बताए गए हैं.

इस मामले में हाई कोर्ट ने सारा रिकॉर्ड तलब किया था और वकीलों और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की एक कमेटी बनाई थी, जिसने सारे रिकॉर्ड की जांच की. कमेटी ने अपनी जांच में नंबर देने में अनियमितताएं पायी. जिसके आधार पर अदालत ने भर्ती प्रक्रिया को अगली सुनवाई तक रोक दिया है.

फार्मासिस्ट भर्ती पर BJP ने ‘आप’ सरकार पर साधा निशाना

इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब में फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है. पेपर लीक के आरोपों को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. जिसको लेकर अब भाजपा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा. भाजपा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया गया, जिसमें लिखा गया कि ‘आप’ का सबसे बड़ा झूठ आज अदालत की मुहर के साथ बेनकाब हो गया. लंबे समय तक आम आदमी पार्टी दावा करती रही कि पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, लेकिन आज हाई कोर्ट ने फार्मेसी परीक्षा घोटाले को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए इस दावे की पोल खोल दी है.

भाजपा ने आगे लिखा कि भगवंत मान सरकार की ‘पारदर्शी भर्ती’ की कहानी अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है. एक तरफ छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया गया तो दूसरी तरफ ‘आप’ नेता झूठे दावे करते रहे. अब बहुत हो चुका. अब न इनकार चलेगा, न नाटक. पंजाब के युवाओं को झूठ नहीं, न्याय चाहिए.

वहीं, पंजाब भाजपा की तरफ से कहा गया कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने फार्मेसी ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है, जिससे पेपर लीक मामले पर न्यायिक मुहर लग गई है. अब आम आदमी पार्टी क्या प्रतिक्रिया देगी? क्या वे अब भी पेपर लीक से इनकार करेंगे, या कोर्ट के रिकॉर्ड देखने के बाद झूठे दावे करना बंद कर देंगे?



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