मैं ईश्वर की शुक्रगुजार हूं… नौकरी के 10 साल पूरे होने पर IAS सलोनी राय की दिल छूने वाली पोस्ट
Raisina News Desk- अगस्त 29, 2026 09:01 PM IST

IAS Saloni Rai: देश की सेवा करते और उस सपने को जीते हुए एक दशक बीत गया, जिसे मैंने कभी देखा था. यह सफर जिम्मेदारियों, चुनौतियों और सीखों से भरा रहा है. लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने का सौभाग्य मिला है. सेवा करने का यह मौका देने के लिए मैं ईश्वर की शुक्रगुजार हूं. ये जज्बात भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी सलोनी राय के हैं, जो उन्होंने सोशल मीडिया पर बयां किए हैं.
AGMUT कैडर के 2016 बैच की आईएएस अधिकारी सलोनी राय वर्तमान में नॉर्थ दिल्ली की जिला कलेक्टर हैं. इससे पहले वह जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में उपायुक्त के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. सोशल मीडिया पर उनकी सेवा के दस साल पूरे होने वाली इस पोस्ट पर यूजर्स उन्हें लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं.
ias saloni rai dm north delhi success story 10 years in service
उत्तर दिल्ली की डीएम आईएएस सलोनी राय की सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायी है, जो एक बार सरकारी नौकरी मिलने के बाद उसी में संतोष कर लेते हैं और अपना अंतिम लक्ष्य हासिल नहीं कर पाते. इसके विपरीत, सलोनी राय वह शख्सियत हैं जिन्होंने आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार तीन बार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास की.
A decade of serving the nation and living the dream I once set out for.
It has been a journey of responsibilities, challenges, learnings and above all, the privilege of making a difference in the lives of people. Grateful to Almighty for giving me this opportunity to serve. pic.twitter.com/E9pfQkTfFn
— Saloni Rai IAS (@rai_saloni) August 29, 2026
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईएएस सलोनी राय का जन्म 11 नवंबर 1990 को हरियाणा के सोनीपत में हुआ था. संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2015 में सलोनी राय ने अखिल भारतीय स्तर पर 22वीं रैंक हासिल की और AGMUT कैडर में आईएएस अधिकारी बनीं.
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अपनी यूपीएससी की तैयारी का अनुभव साझा करते हुए सलोनी राय ने बताया था कि वह तीन बार यूपीएससी क्रैक कर चुकी हैं. पहले प्रयास में उन्हें आरपीएफ में असिस्टेंट कमिश्नर बनने का अवसर मिला. दूसरे प्रयास में उनका चयन आर्म्ड फोर्सेस हेडक्वार्टर सिविल सर्विस के पद पर हुआ, लेकिन उन्होंने इसे ज्वाइन नहीं किया. आखिरकार अपने तीसरे प्रयास में वह आईएएस बनने में सफल रहीं.