'रामचंद्र एक शादी करता है, तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा' : UCC पर बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव
Raisina News Desk- जुलाई 16, 2026 03:11 AM IST

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है. इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूसीसी के समर्थन में अपनी बात रखते हुए कहा कि एक देश में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून होना उचित नहीं है. उन्होंने विवाह और व्यक्तिगत कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि एक व्यक्ति एक विवाह करता है, तो यह अपेक्षा सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए.
दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर में मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी. यूसीसी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून होने चाहिए और इसी दिशा में राज्य सरकार आगे बढ़ रही है.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विवाह संबंधी कानूनों का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग नियम होने से समानता की भावना प्रभावित होती है. उन्होंने कहा कि यदि एक व्यक्ति एक विवाह करता है, तो दूसरे व्यक्ति से भी वही अपेक्षा की जा सकती है. उनका कहना था कि एक राष्ट्र में कानूनों की समानता लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है.
डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में मुस्लिम महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे भी समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और उनके जीवन से जुड़े मुद्दों पर समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी वर्ग को अलग नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए और सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है.
इंदौर में UCC पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है ‘अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है. मुस्लिम बहनें भी हमारी बहन हैं उनके जीवन में भी तो कष्ट आएगा तो उनको क्या अलग कर सकते हैं?’#UCC | #MohanYadav pic.twitter.com/6JFfk8VXlZ
— NDTV India (@ndtvindia) July 15, 2026
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि “एक देश, एक निशान, एक प्रधान और एक विधान” का विचार लंबे समय से रखा जाता रहा है. उन्होंने धारा 370 हटाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में एकरूपता की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी समान कानून लागू करने को लेकर सरकार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है. उन्होंने संकेत दिया कि इस विषय पर विधानसभा में भी चर्चा और आगे की प्रक्रिया देखने को मिल सकती है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर समान कानून की दिशा में काम करना चाहती है.
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर बहस तेज होने की संभावना है. समर्थक इसे समानता और एकरूपता की दिशा में कदम बता रहे हैं, जबकि इस विषय पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक पक्षों की अपनी-अपनी राय सामने आ रही है.