सिक्किम की सुरंग में 8 मजदूरों की मौत, 12 जिंदा निकाले गए, कई अब भी फंसे, गैस रिसाव से रेस्क्यू हुआ मुश्किल



गंगटोक:

सिक्किम में लैंडस्लाइड के बाद निर्माणाधीन समारदुंग सुरंग का एंट्री गेट बंद होने के बाद सोमवार से ही कई मजदूर अंदर फंसे हुए थे. इस बीच टनल में मीथेन गैस रिसाव होने की वजह से हालात और भी खराब हो गए. अब तक 8 मजदूरों की मौत हो चुकी है. वहीं 12 मजदूरों को जिंदा बाहर निकाला गया है. माना जा रहा है कि 18 से ज्यादा लोग फंसे हो सकते हैं, जिनको बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिक्किम पुलिस और अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं. हालांकि सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. राहत और बचाव कार्य के दौरान कुछ कर्मियों के घायल होने की भी खबर है.

कुछ रेस्क्यू वर्कर्स भी बेहोश

 नामची जिले के समरडुंग, झोलुंगे में NHPC के तीस्ता स्टेज VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीमों को काफी दिक्कतें आ रही हैं. टनल के अंदर गैस रिसाव की वजह से भीतर घुसे कुछ रेस्क्यू वर्कर्स भी चक्कर खाकर बेहोश हो गए.लगातार बारिश और मुश्किल हालात के बावजूद, मुख्यमंत्री लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और संबंधित विभागों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि चल रहे बचाव अभियान के लिए सभी जरूरी संसाधन लगाए जाएं.

टनल में फंसे 8 मजदूरों की मौत

राहत और बचाव कार्य सोमवार से ही जारी है. 8 मजदूरों की मौत की जानकारी जिला प्रशासन की तरफ से दी गई है. मृतकों के शवों को सिंगतम जिला अस्पताल, STNM अस्पताल (गंगटोक) और नामची जिला अस्पताल ले जाया गया है. SSDMA हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए है. 

टनल में कैसे फंसे मजदूर?

निर्माणाधीन समारदुंग सुरंग में यह हादसा सोमवार को दोपहर करीब 3 बजकर 9 मिनट पर हुआ. यह सुरंग तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत पटेल इंजीनियरिंग द्वारा बनाई जा रही है. टनल के भीतर अचानक लैंडस्लाइड हुआ, जिससे रास्ता बंद हो गया और काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला. हालात तब और भी खराब हो गए जब सुरंग के भीतर मीथेन गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिसकी वजह से बचावकर्मियों का अंदर घुसना बेहद जोखिम भरा हो गया.

NDRF-SDRF टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटीं

नमची जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि जैसे ही घटना की सूचना मिली सिलिगुड़ी और पाक्योंग में तैनात NDRF-SDRF टीमों को तुरंत अलर्ट कर मौके पर बुलाया गया. अग्निशमन विभाग और पुलिसकर्मियों ने बिना विशेष सुरक्षा उपकरणों के दो बार सुरंग में घुसने की कोशिश की, लेकिन अंदर के खतरनाक हालात की वजह से वे लोग टनल में फंसे लोगों तक नहीं पहुंच पाए. 

गैस लीक की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें

 सुरंग के भीतर मीथेन गैस बहुत ज्यादा लीक होने की वजह से बचाव अभियान बहुत ही चुनौतीपूर्ण हो गया है.  पहली एनडीआरएफ टीम ने उन अग्निशमन कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जो घटना के बाद अंदर गए थे. इसके बाद दूसरी एनडीआरएफ टीम ने सुरंग में दाखिल होकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. 

टनल में तेज विस्फोट की आवाज के बाद हादसा

लैंडस्लाइड की सही वजह का पता अब तक नहीं चल सका है. जिला कलेक्टर ने बताया कि सुरंग से बाहर निकले कुछ मजदूरों ने बताया कि उन्होंने अंदर से विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनी थी, जिसके बाद वे तुरंत बाहर भागे. हालांकि कई मजदूर अंदर वही रह गए. 

इनपुट- मोहित जोशी

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