सोनम वांगचुक ग्लूकोज लेने से कर रहे लगातारा इनकार, हालत स्थिर : अस्पताल
Raisina News Desk- जुलाई 21, 2026 10:53 AM IST

सफदरजंग अस्पताल ने मंगलवार को कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन चिकित्सकों की बार-बार सलाह के बावजूद वह नसों के माध्यम से दिए जाने वाले तरल पदार्थ (आईवी फ्लूड) और ग्लूकोज लेने से लगातार इनकार कर रहे हैं.अस्पताल की ओर से सुबह नौ बजे जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया कि वांगचुक को सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है. बुलेटिन में कहा गया कि सोनम वांगचुक का उपचार वीएमएमसी (वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज) एवं सफदरजंग अस्पताल के विशेषज्ञों की टीम की निगरानी में किया जा रहा है.
इसमें कहा गया कि फिलहाल वांगचुक के सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं। हालांकि, उनके रक्त में शर्करा का स्तर अब भी सामान्य से कम बना हुआ है। सोमवार रात लिए गए रक्त नमूने की जांच में उनके रक्त में पोटैशियम का स्तर 3.2 पाया गया. इसके अलावा, उनमें ‘पैंसाइटोपीनिया’ की स्थिति बनी हुई है, जिसमें खून की कमी और श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी शामिल है। इन चिकित्सकीय और प्रयोगशाला संबंधी संकेतकों को देखते हुए उनकी लगातार जांच और कड़ी चिकित्सकीय निगरानी आवश्यक है.
चिकित्सा बुलेटिन में कहा गया कि फिलहाल उन्हें ओआरएस और पोटैशियम की पूरक खुराक दी जा रही है हालांकि, चिकित्सकों की ओर से बार-बार सलाह दिए जाने के बावजूद वह नसों के माध्यम से दिए जाने वाले तरल पदार्थ (आईवी फ्लूड) और ग्लूकोज लेने से लगातार इनकार कर रहे हैं.
बुलेटिन के अनुसार कि हल्के से मध्यम स्तर के निर्जलीकरण, जांच रिपोर्ट में आई जटिलताओं और लंबे समय से भूखे रहने के कारण शरीर पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए उनकी चिकित्सा निगरानी और लगातार चिकित्सकीय परीक्षण बेहद आवश्यक हैं। इससे उनकी स्थिति पर नजर रखने के साथ-साथ किसी भी संभावित जटिलता की समय रहते पहचान और उपचार किया जा सकेगा.
इसमें कहा गया कि आगे का उपचार उनकी चिकित्सकीय प्रगति और प्रयोगशाला जांचों के परिणामों के आधार पर तय किया जाएगा।
वांगचुक ने सोमवार को अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने की घोषणा करते हुए कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में उन्होंने यह फैसला लिया है. उनका कहना है कि वह तब तक भूख हड़ताल जारी रखेंगे, जब तक युवा प्रदर्शनकारियों को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या उन्हें स्वयं अस्पताल से बाहर जाकर ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जाती।.
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