नशे के काले कारोबार पर लगेगा फुलस्टॉप, तय हुई डेडलाइन, जानिए केंद्र सरकार का यह मास्टरप्लान कैसे बदलेगा तस्वीर
Raisina News Desk- सितंबर 23, 2026 04:32 AM IST
नई दिल्ली. भारत सरकार ने देश को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के लिए एक निर्णायक मुहिम शुरू की है. इस मुहिम को अमली जामा पहनाने के लिए केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश से नशे के अवैध व्यापार को जड़ से खत्म करने की डेडलाइन रखी है. अब इस मुहिम को महज बैठकों या कागजी रिपोर्टों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे जमीन पर उतारकर ठोस नतीजों में बदलने की पूरी तैयारी कर ली गई है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के सम्मेलन के दौरान साफ कर दिया है कि 31 दिसंबर 2029 तक देश से नशे के व्यापार को जड़ से उखाड़ फेंकने का लक्ष्य तय कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि अब इस लड़ाई को किसी सामान्य अभियान की तरह नहीं, बल्कि एक निर्णायक जंग के रूप में लड़ा जाएगा. पिछले पांच वर्षों में देश ने इस दिशा में कई मजबूत कदम उठाए हैं.
एनसीओर्ड की स्थापना, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) का पुनर्गठन, कानूनों में जरूरी सुधार, फॉरेसिंक साइंस लैब (FSL) में अलग वर्टिकल का गठन और बड़े पैमाने पर चलाया गया जन-जागरूकता अभियान इसकी कुछ बानगी हैं. अब इन सभी व्यवस्थाओं को जमीन पर पूरी ताकत से लागू करने का वक्त आ गया है.
नई तकनीक और चुनौतियों से निपटने की रणनीति
अब तक के आंकड़े और भविष्य का विजन
सरकार ने अपनी अब तक की कार्रवाई के जो आंकड़े सामने रखे हैं, वे उत्साह बढ़ाने वाले हैं. देश के 100 लक्षित ड्रग कार्टेल में से 57 की पहचान की जा चुकी है. पीआईटी-एनडीपीएस के तहत 1000 मामलों में से 811 मामलों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है. साथ ही, अवैध नशीली फसलों को नष्ट करने का लगभग 70 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है.
गृह मंत्रालय ने बताई अपनी मां की सीख
गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी मां की सिखाई हुई बात को याद करते हुए कहा कि कोई काम कर पाओगे या नहीं, यह मत सोचना. काम करने जैसा है या नहीं, बस यही सोचना, बाकी ईश्वर का काम है. इसी प्रेरणा और दृढ़ संकल्प के साथ अब हमें सिर्फ बैठकों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि मीटिंग से मिशन की ओर, रिपोर्टिंग से रिजल्ट की ओर, सीजर से पूरे नेटवर्क के खात्मे तक और केस दर्ज करने से लेकर अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने तक की दिशा में आगे बढ़ना है.