IAS पूजा सिंघल: 28 महीने जेल, 19 करोड़ कैश जब्‍त, फिर भी मिला बड़ा पद! सुप्रीम कोर्ट पहुंचा केस

झारखंड कैडर में साल 2000 बैच की भारतीय प्रशासन‍िक सेवा की अधिकारी पूजा सिंघल एक बार फिर चर्चा में हैं. 28 महीने सलाखों के पीछे रहने वालीं मह‍िला आईएएस पूजा स‍िंघल मामले में 15 स‍ितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. कभी मनरेगा घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार होकर जेल पहुंचीं पूजा सिंघल की वर्तमान पोस्टिंग झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग में सचिव पद पर है.

मई 2022 में ED ने किया था गिरफ्तार 

आईएएस पूजा सिंघल की गिरफ्तारी 11 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने की थी. मामला सिंघल के झारखंड के खूंटी में उपायुक्त रहते साल 2009-10 के दौरान मनरेगा योजनाओं में करीब 18.06 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस का था. ईडी की जांच में पूजा स‍िंघल पर आरोप लगाया गया कि मनरेगा की योजनाओं से जुड़े फंड में गड़बड़ी हुई और अवैध तरीके से कमीशन हासिल किया गया. 

IAS पूजा सिंघल: 2009 का घोटाला, 2022 की जेल और 2025 की बहाली… कहानी झारखंड की सबसे चर्चित अफ़सर की.

ईडी ने मई 2022 में कई ठिकानों पर छापेमारी की.  इस दौरान आईएएस पूजा स‍िंघल के सीए के यहां से करीब 19.76 करोड़ रुपये नकद, दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए थे. एजेंसी ने इस रकम को मामले में कथित अपराध से अर्जित आय से जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई थी.

बीमार बेटी की देखभाल के ल‍िए म‍िली थी अंतरिम जमानत

IAS पूजा सिंघल 11 मई 2022 को गिरफ्तार होने के बाद लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहीं. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट से उन्हें बीमार बेटी की देखभाल के लिए अंतरिम जमानत मिली थी. करीब तीन महीने की अंतरिम जमानत के बाद उन्होंने 10 अप्रैल 2023 को दोबारा कोर्ट के सामने सरेंडर किया था. इसके बाद भी उन्हें नियमित जमानत नहीं मिली. अप्रैल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. आखिरकार रांची की विशेष PMLA अदालत ने 7 दिसंबर 2024 को उन्हें जमानत दे दी. 

जेल से बाहर आने के बाद सरकार ने फिर दी जिम्मेदारी

जमानत मिलने के बाद झारखंड सरकार ने आईएएस पूजा स‍िंघल की निलंबन अवधि समाप्त करते हुए उन्हें 7 दिसंबर 2024 से सेवा में बहाल किया. इसके बाद फरवरी 2025 में IAS अधिकारियों के तबादले के दौरान पूजा सिंघल को सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का सचिव बनाया गया. यानी जिस आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी कभी झारखंड की सबसे चर्चित प्रशासनिक और भ्रष्टाचार से जुड़ी जांचों में हुई थी, वही अधिकारी अब राज्य में डिजिटल गवर्नेंस और IT से जुड़े अहम विभाग की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.  सितंबर 2026 में भी राज्य सरकार की आधिकारिक गतिविधियों में वह IT विभाग की सचिव के तौर पर सक्रिय द‍िखीं. 

IAS पूजा सिंघल केस में 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में क्या होगा?

मामला अभी खत्म नहीं हुआ 

आईएएस पूजा स‍िंघल के मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि जमानत मिलने का मतलब उनका आरोपों से बरी होना नहीं है. पूजा सिंघल के खिलाफ मनरेगा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है. सितंबर 2026 में ही उन्होंने इस मामले में निचली अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिस पर 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है.  

किस आधार पर पूजा सिंघल ने दी चुनौती?

पूजा सिंघल की ओर से दलील दी गई है कि पीएमएलए की धाराओं के तहत संज्ञान लेते समय तत्कालीन सरकारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए जरूरी वैधानिक अनुमति यानी सीआरपीसी की धारा 197 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया. हालांकि झारखंड हाईकोर्ट ने कहा था कि व्यक्तिगत तौर पर किए गए कथित अवैध कृत्यों के मामले में ऐसी पूर्व अनुमति जरूरी नहीं है. अब इसी कानूनी सवाल पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. अब सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को इस मामले की सुनवाई होनी है. 

यह भी पढ़ें – IPS अंश‍िका वर्मा, पत‍ि केके ब‍िश्‍नोई 80 के दशक में ऐसे द‍िखते! डांस के बाद अब रेट्रो थीम लुक वायरल

यह भी पढ़ें – IPS आशना चौधरी ने अपनी फ‍िल्‍म द‍िल के मुसाफ‍िर का पोस्‍टर क‍िया शेयर, IAS से लव मैर‍िज 

यह भी पढ़ें – 80s फोटो ट्रेंड: विकास दिव्यकीर्ति की पत्नी बोलीं- तब नहीं था ‘तुम्हारी साड़ी मेरी से सफेद कैसे’ वाला दिखावा


Prev Post
Next Post