जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की बड़ी साजिश! PoK में 500 आतंकियों के मौजूद होने का दावा, सर्दियों से पहले घुसपैठ की आशंका
Raisina News Desk- अक्टूबर 16, 2026 12:47 PM IST
जम्मू-कश्मीर में सर्दियों की शुरुआत से पहले पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों की घुसपैठ कराने की साजिश की आशंका जताई जा रही है. इंटेल इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में करीब 500 आतंकियों के लॉन्चपैड पर मौजूद होने का दावा किया गया है. आशंका है कि बर्फबारी के कारण पहाड़ी रास्ते बंद होने से पहले आतंकियों को भारतीय सीमा में दाखिल कराने की कोशिश की जा सकती है.
इंटेल इनपुट के अनुसार, पाकिस्तान की तरफ से नियंत्रण रेखा (LoC) के आसपास स्थित लॉन्चपैड का इस्तेमाल कर आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश की जा सकती है. सर्दियों में ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण घुसपैठ के पारंपरिक रास्ते बंद हो जाते हैं. ऐसे में बर्फबारी से पहले आतंकियों को भारतीय सीमा में भेजने की कोशिश सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती है.
पहले भी इस तरह की जानकारी सामने आ चुकी है कि आतंकी LoC के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा से भी लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं. बर्फ पड़ने के बाद जब पहाड़ी रास्ते बंद हो जाते हैं, तो आतंकियों के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा को घुसपैठ के अपेक्षाकृत सुरक्षित रूट के तौर पर इस्तेमाल करने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों मोर्चों पर निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है.
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए सुरक्षा बल लगातार निगरानी रखते हैं. बर्फबारी से ठीक पहले LoC पर भारतीय सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि लॉन्चपैड से आतंकियों की संभावित घुसपैठ को रोका जा सके. वहीं, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस मानी जाने वाली सीमा सुरक्षा बल (BSF) को भी घुसपैठ रोधी अभियानों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं.
आतंकियों की संभावित घुसपैठ को देखते हुए सीमा पर सतर्कता अहम मानी जा रही है. हालांकि, PoK में 500 आतंकियों की मौजूदगी के इंटेल इनपुट के बाद से सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
सुरक्षा के लिहाज से सर्दियों से पहले का समय संवेदनशील माना जाता है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू होने से पहले घुसपैठ की कोशिशें सुरक्षा बलों के लिए अतिरिक्त चुनौती पैदा कर सकती हैं. ऐसे में LoC पर निगरानी, गश्त और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर BSF की चौकसी और घुसपैठ रोधी अभियानों को तेज करना भी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जा रहा है.