प्रशांत भूषण का पुराना वीडियो शेयर कर किरेन रिजिजू बोले- 'रिजीम चेंज' वालों को कभी माफ न करें

प्रशांत भूषण का पुराना वीडियो शेयर कर किरेन रिजिजू बोले- 'रिजीम चेंज' वालों को कभी माफ न करें

प्रशांत भूषण का पुराना वीडियो शेयर कर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘रिजीम चेंज’ की मांग करने वालों पर निशाना साधा है. उन्होंने X पर लिखा कि देश के लोगों को ‘गद्दारों’ को कभी माफ नहीं करना चाहिए. भूषण के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘हां, हम रिजीम चेंज चाहते हैं’ कहने के बाद यह विवाद तेज हुआ. रिजिजू ने 2011 में कश्मीर को लेकर दिए गए भूषण के बयान का वीडियो भी साझा किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद चुनाव आयोग नहीं बल्कि सत्ता हासिल करना है. वहीं बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विपक्ष पर अराजकता फैलाने और विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया. यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है.

SIR को लेकर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देश में चल रहे कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच देश में ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की बहस अब और तीखी हो गई है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण का पुराना वीडियो शेयर करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने देश के लोगों से अपील की कि वे उन लोगों को कभी माफ न करें जिन्हें उन्होंने ‘गद्दार’ कहा. यह विवाद उस समय बढ़ा जब प्रशांत भूषण के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘रिजीम चेंज’ की मांग स्वीकार करने वाले बयान को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हुई. रिजिजू ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया. उन्होंने पुराने वीडियो के जरिए भूषण के पहले के बयान भी सामने रखे. सत्ता पक्ष के नेताओं का आरोप है कि विपक्ष चुनाव सुधार और चुनाव आयोग के मुद्दे की आड़ में सरकार बदलने का एजेंडा चला रहा है.

इस विवाद में सिर्फ किरेन रिजिजू ही नहीं बल्कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का मकसद चुनाव आयोग या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए लड़ना नहीं है. उनके मुताबिक विपक्ष अव्यवस्था फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहता है. वहीं नितिन नवीन ने ‘रिजीम चेंज’ जैसे शब्दों को विपक्ष का असली एजेंडा बताते हुए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया. दूसरी ओर यह पूरा विवाद विपक्ष के प्रदर्शनों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है. नेताओं के आरोपों के बीच अब ‘रिजीम चेंज’ शब्द को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है.

रिजिजू ने एक्स पर क्या लिखा?

  • किरेन रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘प्यारे देशभक्त भारतीयों, याद रखें, अपने दुश्मनों को एक बार माफ करो, दोस्तों को दो बार, लेकिन गद्दारों को कभी नहीं.’ उन्होंने यह संदेश प्रशांत भूषण के उस वीडियो को साझा करने के बाद दिया जिसमें भूषण ‘रिजीम चेंज’ की मांग स्वीकार करते सुनाई देते हैं.
  • रिजिजू ने इससे पहले भूषण के साल 2011 के कश्मीर से जुड़े बयान का वीडियो भी साझा किया था. उस वीडियो में भूषण कहते सुनाई देते हैं, ‘अगर कश्मीरी लोग अलग होना चाहते हैं तो उन्हें अलग होने दें.’ एक अन्य पोस्ट में रिजिजू ने इस राजनीतिक टकराव को लेकर लिखा, ‘लड़ाई की रेखा खिंच गई है. यह दिमागी नक्सल बनाम देशभक्त भारतीय है.’ उनके इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई.
किरेन रिजिजू का X पोस्ट.

प्रशांत भूषण ने ‘रिजीम चेंज’ पर क्या कहा था?

प्रशांत भूषण की प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो इस विवाद के केंद्र में है. इसमें जब उनसे ‘रिजीम चेंज’ की मांग को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘हां, हम रिजीम चेंज चाहते हैं.’ इसी बयान को लेकर बीजेपी नेताओं ने विपक्ष और प्रदर्शन से जुड़े लोगों पर सवाल उठाए हैं. सत्ता पक्ष का आरोप है कि इस तरह की मांग का अर्थ लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को हटाने की कोशिश है. हालांकि ‘रिजीम चेंज’ की मांग को लेकर राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं.

राजनाथ सिंह बोले- विपक्ष का मकसद सत्ता हासिल करना

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मुद्दे पर विपक्ष को घेरा. लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि ‘रिजीम चेंज’ शब्द का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों के असली मकसद को सामने लाता है. उनके मुताबिक विपक्ष की लड़ाई न तो चुनाव आयोग के लिए है और न ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए. उन्होंने कहा कि विपक्ष का मकसद अव्यवस्था पैदा करके सत्ता हासिल करना है.
  • राजनाथ सिंह ने बांग्लादेश का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि ‘रिजीम चेंज’ की वकालत करने वाले लोग सरकार गिराने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र का इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लाइसेंस के तौर पर नहीं किया जा सकता. राजनीतिक नेताओं को जनता के जनादेश और देश की संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए.

नितिन नवीन ने विदेशी ताकतों से मिलीभगत का लगाया आरोप

  • बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ”रिजीम चेंज’ जैसे शब्दों के प्रयोग से विपक्ष का असली एजेंडा देश के सामने स्पष्ट रूप से उजागर हो गया है. विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने का यह कुत्सित प्रयास ‘अर्बन नक्सल’ के एजेंडे का ही हिस्सा है.’
  • उन्होंने आगे कहा, ‘विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार, SIR या देश के युवाओं के भविष्य के लिए नहीं बल्कि देश में अराजकता फैलाकर किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करने के लिए है.’
  • नितिन नवीन ने अपने बयान में लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनादेश का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से होकर गुजरता है अराजकता से नहीं. भारत की राष्ट्रभक्त जनता और भारतीय जनता पार्टी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को कभी सफल नहीं होने देंगी.’
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का X पोस्ट.

चुनाव आयोग के मुद्दे पर बढ़ी सियासी तकरार

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन चर्चा में हैं. बीजेपी के नेताओं ने ‘रिजीम चेंज’ वाले बयान को सरकार बदलने की मंशा से जोड़ते हुए विपक्ष पर हमला बोला है. वहीं इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस का केंद्र चुनाव सुधार और विरोध-प्रदर्शन की भूमिका भी बनी हुई है. फिलहाल अलग-अलग नेताओं के बयानों से विवाद और गहरा गया है.

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