प्रशांत भूषण का पुराना वीडियो शेयर कर किरेन रिजिजू बोले- 'रिजीम चेंज' वालों को कभी माफ न करें
Raisina News Desk- अक्टूबर 16, 2026 05:00 PM IST
SIR को लेकर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देश में चल रहे कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच देश में ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की बहस अब और तीखी हो गई है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण का पुराना वीडियो शेयर करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने देश के लोगों से अपील की कि वे उन लोगों को कभी माफ न करें जिन्हें उन्होंने ‘गद्दार’ कहा. यह विवाद उस समय बढ़ा जब प्रशांत भूषण के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘रिजीम चेंज’ की मांग स्वीकार करने वाले बयान को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हुई. रिजिजू ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया. उन्होंने पुराने वीडियो के जरिए भूषण के पहले के बयान भी सामने रखे. सत्ता पक्ष के नेताओं का आरोप है कि विपक्ष चुनाव सुधार और चुनाव आयोग के मुद्दे की आड़ में सरकार बदलने का एजेंडा चला रहा है.
इस विवाद में सिर्फ किरेन रिजिजू ही नहीं बल्कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का मकसद चुनाव आयोग या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए लड़ना नहीं है. उनके मुताबिक विपक्ष अव्यवस्था फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहता है. वहीं नितिन नवीन ने ‘रिजीम चेंज’ जैसे शब्दों को विपक्ष का असली एजेंडा बताते हुए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया. दूसरी ओर यह पूरा विवाद विपक्ष के प्रदर्शनों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है. नेताओं के आरोपों के बीच अब ‘रिजीम चेंज’ शब्द को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है.
प्रशांत भूषण की प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो इस विवाद के केंद्र में है. इसमें जब उनसे ‘रिजीम चेंज’ की मांग को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘हां, हम रिजीम चेंज चाहते हैं.’ इसी बयान को लेकर बीजेपी नेताओं ने विपक्ष और प्रदर्शन से जुड़े लोगों पर सवाल उठाए हैं. सत्ता पक्ष का आरोप है कि इस तरह की मांग का अर्थ लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को हटाने की कोशिश है. हालांकि ‘रिजीम चेंज’ की मांग को लेकर राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं.
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन चर्चा में हैं. बीजेपी के नेताओं ने ‘रिजीम चेंज’ वाले बयान को सरकार बदलने की मंशा से जोड़ते हुए विपक्ष पर हमला बोला है. वहीं इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस का केंद्र चुनाव सुधार और विरोध-प्रदर्शन की भूमिका भी बनी हुई है. फिलहाल अलग-अलग नेताओं के बयानों से विवाद और गहरा गया है.