Navratri 2026 Kanya Pujan: 18 को करें या 19 अक्टूबर को कन्या पूजन, इन चीजों को देने से मिलेगा शुक्र ग्रह का शुभ फल, पूजन के दौरान इन 6 बातों का रखें ध्यान
Raisina News Desk- अक्टूबर 17, 2026 05:23 PM IST
Navratri 2026 Kanya Pujan: नवरात्र की अष्टमी को महाअष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी स्वरूप की पूजा होती है. कहते हैं नवरात्र के आठवें दिन जो भी भक्त मां की सच्चे मन से महागौरी की आराधना करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं और उसके जीवन में सब मंगल ही मंगल होता है. साथ ही कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है. देवी के इस स्वरूप का रंग अत्याधिक गोरा है इसलिए उन्हें महागौरी के नाम से जाना गया है. लेकिन शारदीय नवरात्र 2026 में अष्टमी तिथि को लेकर 18 और 19 अक्टूबर दोनों तारीखों को लेकर संशय बना हुआ है.
नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि
हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष खास महत्व माना गया है. इन 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्र के हर दिन मां दुर्गा के एक विशेष रूप की आराधना की जाती है. इन दिनों सच्चे मन से मां की पूजा करने और व्रत रखने से देवी दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख समृद्धि आती है. शारदीय नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि के मौके पर कन्या पूजन किया जाता है.
18 और 19 अक्टूबर को कन्या पूजन
पंडित शिप्रा सचदेव ने कहा है कि कुछ जगहों पर सप्तमी के दिन व्रत रखा जाता है और कन्या पूजन अष्टमी को होता है. इस बार महासप्तमी 17 और 18 अक्टूबर दोनों दिन पड़ रही है. 17 अक्टूबर को पूरे दिन सप्तमी तिथि है, जबकि 18 को 11.36 बजे महाअष्टमी की शुरुआत हो जाएगी. श्रद्धालु चाहें तो 17 अक्टूबर को व्रत रखकर 18 अक्टूबर को 11.36 बजे के बाद कन्या पूजन कर सकते हैं. भक्त 18 अक्टूबर को भी पूरा दिन व्रत रखकर 19 अक्टूबर को कन्या पूजन कर सकते हैं.
कन्या पूजन में इन चीजों को दें
पंडित शिप्रा सचदेव ने कहा कि 19 अक्टूबर यानी सोमवार को 7.36 बजे से नवमी की शुरुआत हो जाएगी. इस दिन अष्टमी और नवमी का कन्या पूजन कर सकते हैं. उदया तिथि के अनुसार, इस बार 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी मनाई जाएगी. इस बार शुक्र अस्त हो चुका है, इसलिए कन्याओं को सुहाग का सामान (रबर, क्लेचर, परफ्यूम) देंगे तो धन वैभव की प्राप्ति होगी. शुक्र का अस्त होना कहीं ना कहीं धन संपदा में नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इस बार कन्याओं को फैशन संबंधी उपहार अवश्य दें.
कन्या पूजा का महत्व
नवरात्रि के दौरान कन्या पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इसे कंजक पूजन भी कहा जाता है. मान्यता है कि छोटी कन्याओं में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का वास होता है. इसलिए नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है. इस दिन भक्त कन्याओं के पैर धोते हैं, उन्हें तिलक लगाते हैं और भोजन कराकर दक्षिणा व उपहार देते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि तथा खुशहाली का आशीर्वाद देती हैं.
कन्या पूजा में इन बातों का रखें ध्यान