अभिजीत दीपके को पकड़ने फ्लाइट में महिला पुलिस ही क्यों आई, मेल पुलिस अंतिम कतार में क्या कर रहे थे?

अभिजीत दीपके को पकड़ने फ्लाइट में महिला पुलिस ही क्यों आई, मेल पुलिस अंतिम कतार में क्या कर रहे थे?

Abhijeet Dipke Detained IGI Airport: सीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं को जंतर-मंतर पर पहुंचने से पहले ही हिरासत में लेने का सिलसिला जारी है. सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर फ्लाइट के अंदर ही हिरासत में लिया गया है. वहीं यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम के घर से दिल्ली पुलिस उठा ले गई है. सबसे बड़ा ड्रामा तो दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे के आस-पास फ्लाइट के अंदर देखने को मिला, जहां दिल्ली पुलिस की महिला ब्रिग्रेड अभिजीत दीपके को पकड़ने पहुंच गई. खास बात यह है कि मेल पुलिस या पुरुष टीम महिला पुलिस को कवर दे रही थी. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या किसी मेल शख्स को दिल्ली पुलिस की महिला पुलिस पकड़ सकती है? क्यों अभिजीत दीपके को बोलना पड़ा ‘मैं गिरफ्तार होने के लिए ही आए हैं, लेकिन प्लीज मेल पुलिस को आगे भेजिए?’

दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने के वक्त विमान में खूब हाईवोल्टेज ड्रामा भी देखने को मिला. पुलिस और दीपके बीच जमकर बहस भी हुई. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को महिला पुलिस ने पकड़ कर पुरुष टीम के हवाले किया. फिर तीनों को अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया है. दूसरी तरफ यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिए जाने की खबर है. सीजेपी की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह और तीन अन्य वकीलों को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई.

फ्लाइट के भीतर क्या-क्या हुआ?

फ्लाइट के भीतर दिल्ली पुलिस की कई महिला पुलिसकर्मी दाखिल हुई थीं. दीपके ने वीडियो में पुरुष पुलिस अधिकारियों को सामने आने के लिए भी कहा. महिला पुलिसकर्मियों को ही भेजने की वजह पर दिल्ली पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट, आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया. लेकिन आधिकारिक सूत्रों की मानें तो विमान के भीतर जगह कम होने और टकराव की आशंका को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई हो सकती है. लेकिन इसे पुलिस की पुष्ट रणनीति नहीं माना जा सकता.

क्या महिला पुलिस की कार्रवाई गैरकानूनी थी?

दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात संबंधी आशंकाओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था. दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक महिला पुलिस की फ्लाइट के अंदर जाने की कार्रवाई गैरकानूनी नहीं हो जाती. क्योंकि बीएनएसएस की धारा 43 में महिला की गिरफ्तारी के दौरान उसे छूने से जुड़े विशेष प्रावधान हैं. पुरुष को महिला पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने पर ऐसा सामान्य निषेध नहीं है. खबरों में दीपके और उनके साथियों के लिए डिटेन जैसे शब्द इस्तेमाल हुए हैं. इससे अपने-आप यह साबित नहीं होता कि उन्हें किसी आपराधिक मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया था.

अभिजीत दीपके को महिला पुलिस ने ही क्यों पकड़ा?

दरअसल, सीजेपी नेता अभिजीत दीपके अपने साथी सौरभ दास और आशुतोष रांका के साथ मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. करीब 10 बजकर 18 मिनट पर उनकी फ्लाइट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुई. लैंड होते ही फ्लाइट के अंदर दिल्ली पुलिस की टीम पहुंची. जब दीपके और उनकी टीम विमान में ही थी, तभी दिल्ली पुलिस की महिला टीम आ धमकी. सूत्रों की मानें तो पहले अभिजीत दीपके को जंतर-मंतर न जाने के लिए समझाया गया. कारण कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी. दिल्ली पुलिस की महिला टीम भी किसी पुरुष को गिरफ्तार कर सकती है.

क्या महिला पुलिस किसी मेल को गिरफ्तार कर सकती है?

सीजेपी का यह प्रोटेस्ट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था. सीजेपी और उसके समर्थक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण तथा मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 से जुड़े कथित बदलावों पर सवाल उठा रहे थे. दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करते हुए कानून-व्यवस्था, यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला दिया था.

इस कार्रवाई में सिर्फ सीजेपी नेता ही नहीं, बल्कि वामपंथी दलों के कई नेता और दूसरे प्रदर्शनकारी भी हिरासत में लिए गए. पूर्व केरल मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास और के.एन. बालगोपाल को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई.

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