जयपुर में ग्रामीणों ने CJP टीम को खदेड़ा, आशुतोष रांका के साथ धक्का-मुक्की

जयपुर के बगरू गांव में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनके साथियों का विरोध देखा गया है. जैसे ही वह गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध करते हुए खदेड़ दिया. CJP के नेताओं का आरोप है कि ग्रामीणों ने आशुतोष रांका और उनकी टीम के साथ धक्का मुक्की भी की है. जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. आशुतोष रांका और उनकी टीम गांव में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने के लिए गए थे, लेकिन इसी दौरान ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया. 

आशुतोष रांका की टीम ने भी जताया विरोध 

आशुतोष रांका जब साथियों के साथ गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया. इस पर CJP की कार्यकर्ता शिवांगी शर्मा कहती हैं ‘उन्होंने हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया और कहा कि हम आतंकवादी या नक्सली हैं. यह बाहरी-भीतरी का क्या मतलब है, यह एक ही देश है. हम किसी दूसरी पार्टी या दूसरे देश से नहीं आए हैं. हम तो अपने ही देश के बच्चों की बात कर रहे हैं.’ बताया जा रहा है कि सीजेपी कार्यकर्ताओं के आने पर गांव के लोगों ने मुख्य रास्ते की घेराबंदी कर दी थी, वहां से आने जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग भी की जा रही थी. ऐसे में जैसे ही रांका अपनी टीम के साथ पहुंचे तो उनका विरोध शुरू हो गया. 

आशुतोष रांका ने दी थी जानकारी 

दरअसल, आशुतोष रांका ने बगरू विधानसभा के बगरू गांव के सरकारी स्कूल का दौरा करने की बात कही थी. उनका कहना था कि स्कूलों में बच्चों को मिलनी वाली सुविधाओं और इमारत का जायजा लिया जाएगा. उनका आरोप था कि गांव का स्कूल पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, जिसके चलते बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इन्ही सब समस्याओं को लेकर वह स्कूला का दौरा करेंगे. ऐसे में शुक्रवार की सुबह जब गांव में पहुंचे तो उनका विरोध किया गया और उनके साथियों के साथ धक्का-मुक्की की है.

इससे पहले राजस्थान के शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों में मीडिया और आम जनता की बिना कोई वजह एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. ऐसे में यह विवाद फिलहाल गर्माता जा रहा है.

आशुतोष रांका ने लगाया गुंडागर्दी का आरोप 

बगरू गांव में हुए विरोध पर आशुतोष रांका ने गुंडागर्दी का आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा ‘वहां पहले से ही पत्थरबाजी हो रही थी. लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही. पुलिस ने कहा कि वे कुछ नहीं करेंगे. हमारे वॉलंटियर्स के हाथ तोड़ दिए गए. हमारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई, यहां पत्थरबाजी हुई है. बुजुर्गों ने हमारी टीम की महिलाओं पर पत्थर फेंके और उनके फोन तोड़ दिए. यह सब पहले से तय था. इन सभी गुंडों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया जाए और आदेश वापस लिया जाए. वरना यह विरोध आगे बढ़ जाएगा.’

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