Dharavi Redevelopment Project: मुंबई के दिल में बसे धारावी की तस्वीर बदलने का दावा एक बार फिर सुर्खियों में है. महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि बहुप्रतीक्षित धारावी पुनर्विकास परियोजना (Dharavi Redevelopment Project) का पहला चरण अगले डेढ़ साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और करीब 10 हजार परिवारों को नए घर सौंपे जाएंगे. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) ने विधानसभा में यह घोषणा करते हुए कहा कि यह सिर्फ मकान बनाने की योजना नहीं, बल्कि धारावी की अर्थव्यवस्था, रोजगार और जीवन स्तर को बदलने की कोशिश है. वर्षों से तंग गलियों, अस्थायी ढांचों और सीमित सुविधाओं के बीच जीवन बिताने वाले लाखों लोगों की उम्मीदें इस परियोजना से जुड़ी हैं. सरकार का मानना है कि इससे धारावी आधुनिक और व्यवस्थित शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बताया कि धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत पहले चरण के लगभग 10 हजार मकानों का निर्माण अगले 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि परियोजना की प्रगति के अनुसार लाभार्थियों को नए घरों की चाबियां सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. यह परियोजना मुंबई के सबसे बड़े पुनर्विकास अभियानों में से एक मानी जा रही है.
Along with ensuring homes for all under the Dharavi Redevelopment Project, local businesses will be resettled locally and granted a GST concession for the first five years.
धारावी पुनर्विकास प्रकल्पात प्रत्येकाला घरे देण्याबरोबरच स्थानिक उद्योगांचे तिथेच पुनर्वसन केले जाणार आहे.… pic.twitter.com/6jtFmxoO0o
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) July 8, 2026
सरकार के अनुसार वर्ष 2000 तक की पात्रता रखने वाले परियोजना प्रभावित परिवारों को धारावी के भीतर ही नया आवास उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं विस्तारित पात्रता श्रेणी के तहत वर्ष 2011 तक की पात्रता वाले लोगों को निर्धारित 2.5 लाख रुपये शुल्क जमा करने के बाद पुनर्वास योजना का लाभ मिलेगा. सरकार का दावा है कि जो लोग पात्रता के दायरे में नहीं आते, उन्हें भी दूर नहीं भेजा जाएगा, बल्कि धारावी के आसपास के क्षेत्रों में आवास उपलब्ध कराया जाएगा.

Dharavi Redevelopment Project: सदन में मुख्यमंत्री ने किया ऐलान
Photo Credit: @Dev_Fadnavis
पुनर्विकास योजना के तहत पात्र परिवारों को 350 वर्गफुट के नए आवास दिए जाएंगे. इन मकानों में बेहतर जलापूर्ति, स्वच्छता, बिजली, सुरक्षा और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया है. सरकार का कहना है कि इससे घनी आबादी और अव्यवस्थित बस्तियों की समस्या में काफी कमी आएगी. धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत करीब 95 मिलियन वर्गफुट पुनर्वास (रीहैब) निर्माण किया जाएगा, जबकि 130 मिलियन वर्गफुट व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा. इस व्यापक शहरी पुनर्विकास योजना के अंतर्गत सभी व्यावसायिक इकाइयों और दुकानों का भी पुनर्निर्माण किया जाएगा तथा उन्हें आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
सीएम ने कहा कि धारावी पुनर्विकास परियोजना के जरिए यहां संचालित अनौपचारिक आर्थिक गतिविधियों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाएगा. साथ ही स्थानीय निवासियों और कारोबारियों के लिए आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा. फडणवीस के अनुसार, यह परियोजना न केवल लोगों के रहने की स्थिति में सुधार लाएगी, बल्कि धारावी के छोटे उद्योगों, व्यापारिक गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगी.
धारावी केवल एक झुग्गी बस्ती नहीं, बल्कि हजारों छोटे उद्योगों और रोजगार का केंद्र भी है. चमड़ा उद्योग, रीसाइक्लिंग यूनिट, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण और सैकड़ों लघु व्यवसाय यहां से संचालित होते हैं. फडणवीस ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य इन आर्थिक गतिविधियों को समाप्त करना नहीं बल्कि उन्हें बेहतर और सुरक्षित ढांचे में विकसित करना है. सरकार का मानना है कि इससे अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को औपचारिक क्षेत्र में लाने में मदद मिलेगी.
Mumbai’s slums will have to be redeveloped through cluster
मुंबईतील झोपडपट्ट्यांचा विकास क्लस्टर पद्धतीने करावा लागेल.
(विधानसभा, मुंबई | दि. 8 जुलै 2026)#Maharashtra #Mumbai #MonsoonSession2026 pic.twitter.com/5VJNvj1Abw
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) July 8, 2026
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई में 19 क्लस्टर पुनर्विकास परियोजनाओं की पहचान की गई है. इनमें जुहू गली, बेहरामपाड़ा और एंटॉप हिल जैसे इलाके शामिल हैं. सरकार इन क्षेत्रों को भी चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की योजना पर काम कर रही है.
धारावी पुनर्विकास परियोजना विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) मॉडल के तहत लागू की जा रही है. यह महाराष्ट्र सरकार और अदाणी समूह के संयुक्त उपक्रम के रूप में संचालित हो रही है. परियोजना का औपचारिक कार्य जनवरी 2025 में शुरू हुआ था.
इस परियोजना को दुनिया की सबसे बड़ी शहरी पुनर्जीवन (Urban Rejuvenation) परियोजना और मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है. धारावी को लंबे समय से एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती माना जाता रहा है. यहां आबादी का घनत्व दुनिया के सबसे अधिक घनत्व वाले शहरी क्षेत्रों में शामिल है. सरकार का दावा है कि पुनर्विकास पूरा होने के बाद यह क्षेत्र आधुनिक आवास, व्यवसाय, परिवहन और शहरी सुविधाओं से लैस एक नए आर्थिक केंद्र के रूप में उभर सकता है.