न्यूयॉर्क में मोहन भागवत से मिलीं उद्योग जगत की हस्तियां; RSS प्रमुख बोले, भारत के युवाओं पर है पूरा भरोसा

न्यूयॉर्क:

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत अपने तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान न्यूयॉर्क में उद्योग जगत, निवेशकों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों से मिले. इस दौरान हुई एक विशेष राउंड टेबल मीटिंग में दूरसंचार, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे विषयों पर चर्चा हुई. भारतीय-अमेरिकी निवेशक आशा जडेजा मोटवानी ने बैठक के बाद कहा कि भागवत भारतीय युवाओं की क्षमता में गहरा विश्वास रखते हैं और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने के पक्षधर हैं. यह बैठक RSS के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है और 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले बड़े प्रवासी भारतीय कार्यक्रम से पहले आयोजित की गई.

‘आरएसएस प्रमुख ने अंतरिक्ष से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक कई विषयों पर चर्चा की’

बैठक में शामिल सिलिकॉन वैली की निवेशक आशा जडेजा मोटवानी ने गुरुवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आरएसएस प्रमुख ने अंतरिक्ष से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक कई विषयों पर चर्चा की. मोटवानी ने कहा, ‘न्यूयॉर्क में मोहन भागवत के साथ एक बेहतरीन बैठक हुई. उन्होंने दूरसंचार, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा, पारंपरिक ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि सहित विभिन्न उद्योगों से जुड़े हम सभी लोगों के महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दिए.’ उन्होंने कहा कि बातचीत में शामिल लोगों ने पूछा कि भागवत विभिन्न राज्यों में प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और बिना किसी ‘‘नौकरशाही बाधा” के भारत में कंपनियां या विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने में किस प्रकार मदद कर सकते हैं.

मोटवानी ने कहा कि आरएसएस प्रमुख ने उनके सवालों के ‘शानदार तरीके से’ जवाब दिए. साथ ही भागवत ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह भारत सरकार की ओर से नहीं बोल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भागवत के जवाबों से ‘हम सभी में यह विश्वास पैदा हुआ कि वह चीजों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.’ भागवत के साथ हुई बातचीत के मुख्य बिंदुओं का उल्लेख करते हुए जडेजा ने कहा, ‘वह बेहद उदार सोच वाले व्यक्ति हैं और वास्तव में एक एकजुट भारत तथा एकजुट विश्व में विश्वास रखते हैं. वह विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच कोई अंतर नहीं देखते. उनके लिए सभी भारतीय ‘कुटुंबकम’ (परिवार) हैं.’

‘भारतीय युवाओं पर अटूट विश्वास’

मोटवानी ने कहा कि आरएसएस प्रमुख का भारतीय युवाओं की ओर विशेष झुकाव है. उन्होंने कहा, ‘यह साफ दिख रहा था कि उन्हें भारतीय युवाओं पर अटूट विश्वास है और वह उस बदलाव पर भरोसा करते हैं, जिसकी मांग युवा कर रहे हैं. वह देश में युवाओं के सबसे बड़े समर्थक प्रतीत होते हैं. भारत के लिए यह सौभाग्य की बात है.’

मोटवानी ने कहा, ‘मैं इस बैठक से इस बात को लेकर 100 प्रतिशत आश्वस्त होकर निकली हूं कि भारतीय युवा अभूतपूर्व तरीकों से बदलाव लाएंगे. मुझे पूरा विश्वास है कि आरएसएस भारतीय युवाओं के साथ मिलकर उन औपनिवेशिक ढांचों की आखिरी जड़ें भी उखाड़ने में मदद करेगा, जो देश की प्रगति की राह में अब तक बाधा बने हुए हैं.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे अपने देश भारत पर गर्व है. जहां तक भागवत के अमेरिका के बारे में विचारों की बात है तो वह अमेरिका-भारत मित्रता और आपसी संबंधों को मजबूत करने के सच्चे हिमायती हैं… और उन्होंने हमसे यह भी वादा किया है कि वह भविष्य में हमसे आगे भी मिलते रहेंगे.’

मैडिसन स्क्वायर गार्डन से देंगे वसुधैव कुटुंबकम का संदेश

यह राउंड टेबल बैठक 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भागवत के प्रस्तावित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ से कुछ दिन पहले हुई है. इस कार्यक्रम में वह भारतीय समुदाय के करीब 6,000 सदस्यों के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों को भी संबोधित करेंगे. इस कार्यक्रम का आयोजन ‘अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ (एएचईएडी) की ओर से किया जा रहा है. संस्था ने इसे ‘रक्षाबंधन का एक ऐतिहासिक आयोजन’ बताया है. इसमें पूरे अमेरिका से हजारों हिंदुओं तथा सैकड़ों हिंदू, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, सेवा और सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं. आयोजकों के अनुसार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और वक्ताओं के संबोधनों के जरिए समारोह में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (पूरा विश्व एक परिवार है) की भावना और वैश्विक एकजुटता का संदेश दिया जाएगा.

इनपुट : PTI



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