बदायूं में आंबेडकर प्रतिमा स्थापना को लेकर बवाल; पुलिस-प्रशासन पर पथराव, कई वाहन क्षतिग्रस्त, 7 हिरासत में

बदायूं:

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर मंगलवार को उस समय तनाव फैल गया जब ग्राम समाज की भूमि पर प्रतिमा लगाने को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया. फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देर शाम हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव कर दिया. इसमें कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए, पुलिसकर्मी घायल हुए और एसडीएम बिसौली प्रियंका गोयल बाल-बाल बच गईं. कई घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम और एसएसपी को भी मौके पर पहुंचना पड़ा.

प्रतिमा स्थापना को लेकर शुरू हुआ विवाद

मामला फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव का है. जानकारी के अनुसार दलित समाज के कुछ लोग ग्राम समाज की खलिहान भूमि पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर रहे थे. इसकी सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया को रोक दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया है. आरोपों के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और आसफपुर-शाहबाद मार्ग पर जाम लगाकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी हुई.

अधिकारियों ने घंटों किया समझाने का प्रयास

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम बिसौली प्रियंका गोयल और सीओ अंशुमान श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हुआ. जैसे-जैसे समय बीतता गया, विरोध प्रदर्शन बढ़ता गया. इसके बाद एडीएम प्रशासन अरुण कुमार और एसपी देहात हृदेश कठेरिया भी गांव पहुंचे. प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को वैकल्पिक समाधान देने का प्रयास किया और प्रतिमा स्थापना के लिए दूसरी जगह देने का प्रस्ताव भी रखा गया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी.

Ambedkar Statue Row Badaun: माैके पर पुलिस और प्रशासन

सात थानों की पुलिस और पीएसी बुलानी पड़ी

तनाव बढ़ने पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी. सात थानों की पुलिस फोर्स और एक प्लाटून पीएसी को गांव में तैनात किया गया. इसके बावजूद देर शाम हालात और बिगड़ गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान महिलाओं को आगे कर बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर पथराव शुरू कर दिया. देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

Ambedkar Statue Row Badaun: पुलिस गाड़ी को पहुंचाया नुकसान

पथराव में वाहन टूटे, पुलिसकर्मी घायल

पथराव में कई सरकारी और निजी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. एसडीएम बिसौली प्रियंका गोयल की सरकारी गाड़ी पर भी पथराव हुआ, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा. हालांकि वह सुरक्षित रहीं. घटना में एक अधिवक्ता को चोट आई, जबकि कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए. पथराव लगातार बढ़ता देख पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ दिया.

Ambedkar Statue Row Badaun: दोपहिया वाहन भी हुआ क्षतिग्रस्त

डीएम और एसएसपी पहुंचे गांव

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम अवनीश कुमार राय और एसएसपी अंकिता शर्मा भी देर रात मौके पर पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बात कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया. फिलहाल गांव में पुलिस और पीएसी की तैनाती जारी है तथा प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

कलेक्टर और पुलिस ने बताया पूरा घटनाक्रम

पूरे मामले को लेकर डीएम अवनीश कुमार राय ने NDTV को बताया, “सुबह सूचना मिली थी कि राजा की सीकरी गांव में ग्राम समाज की खलिहान की भूमि पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने के लिए कुछ लोग एकत्र हुए हैं. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों से बातचीत शुरू की और उन्हें समझाया गया कि नियमानुसार अनुमति लेने के बाद ही प्रतिमा स्थापित की जाए.”

उन्होंने आगे कहा, “करीब 12 से 13 घंटे तक लगातार समझाने का प्रयास किया गया. जमीन के पास ही दूसरी जगह देने का विकल्प भी ग्रामीणों के सामने रखा गया था. इसी दौरान अचानक कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर पथराव कर दिया.

मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है. पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.”

एसएसपी अंकिता शर्मा ने NDTV से कहा, “राजा की सीकरी गांव से पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं. स्थानीय पुलिस और प्रशासन लगातार ग्रामीणों से बातचीत कर रहे थे. उनसे आग्रह किया गया था कि नियमानुसार अनुमति लेकर ही प्रतिमा स्थापित करें.”

उन्होंने आगे कहा, “समझाने के बावजूद कुछ लोगों ने पुलिस-प्रशासनिक टीम पर पथराव कर दिया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी और कर्मचारी घायल हुए तथा वाहनों को भी नुकसान पहुंचा. बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया गया. डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को सुरक्षित रखवा दिया गया है और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. स्थानीय लोगों को जमीन के पास दूसरी जमीन का विकल्प भी दिया गया था, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए और अराजकता फैलाने लगे.”


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