बुलेट ट्रेन ने पकड़ी रफ्तार, पहाड़ों के बीच बनीं 3 सुरंगें और 74 किमी में खंभे तैयार, ठाणे, विरार से बोइसर तक एलिवेटेड स्टेशन बन रहे

मुंबई:

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अब पूरा होने वाला है. पहाड़ों का सीना चीरकर बनने वाली 7 सुरंगों में से तीन का निर्माण पूरा हो गया है. 74 किलोमीटर क्षेत्र में खंभे तैयार हो गए हैं. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के ठाणे और पालघर जिलों में इस हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट का अपडेट शेयर किया है. इंस्टाग्राम पर रेल मंत्री ने वीडियो मैसेज शेयर किया है.यह ठाणे जिले के शिलफाटा से लेकर महाराष्ट्र-गुजरात सीमा के जरोली गांव तक फैले 135.45 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का हिस्सा है.

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का अपडेट

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का ये एक अहम हिस्सा है, जो हाईस्पीड रेल नेटवर्क को मजबूती देगा. परियोजना के तहत कुल 124 किमी लंबे वायाडक्ट और पुलों का निर्माण हो रहा है. महाराष्ट्र में ठाणे, विरार और बोइसर में तीन एडवांस्ड एलिवेटेड बुलेट ट्रेन स्टेशनों का निर्माण हो रहा है. इनमें ठाणे बुलेट ट्रेन स्टेशन एक ग्रीन स्टेशन जैसा होगा. ठाणे स्टेशन जमीन से लगभग 12 मीटर ऊपर बनाया जा रहा है, ताकि मैंग्रोव जंगलों और पर्यावरण कम से कम नुकसान पहुंचे. अश्विनी वैष्णव ने कहा, 100 किलोमीटर से अधिक लंबाई में पिलर निर्माण चल रहा है. जबकि 74 किलोमीटर क्षेत्र में खंभों के बाद वायाडक्ट गर्डर रखे जा रहे हैं. 

बुलेट ट्रेन की सुरंगों का निर्माण

महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन के 9 कास्टिंग यार्ड, 7 फुल स्पैन लॉन्चिंग गैंट्री और 8 स्पैन बाय स्पैन लॉन्चिंग गैंट्री सक्रियता से काम कर रही हैं. मॉडर्न इंजीनियरिंग तकनीकों के इस्तेमाल से परियोजना को समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास है. बुलेट ट्रेन रूट की सात में से 3 सुरंगों में ब्रेकथ्रू यानी दोनों सिरों को जोड़ने का काम पूरा हो चुका है. इन सुरंगों में अब ड्रेनेज, वॉटरप्रूफिंग और टनल लाइनिंग हो रही है. यह बुलेट ट्रेन भारतीय रेलवे इतिहास की सबसे जटिल इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक है.

ये भी पढ़ें – बुलेट ट्रेन: मुंबई से 1 घंटे में पुणे, 4 घंटे में हैदराबाद, मुंबई-अहमदाबाद के बाद एक और हाईस्पीड रेल कॉरिडोर ने भरी रफ्तार

हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में 36 पुल

इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में कई अहम नदी पुलों का निर्माण हो रहा है. इनमें उल्हास नदी पर 460 मीटर, वैतरणा नदी पर 2.3 किमी और जगानी नदी पर 510 मीटर लंबा पुल शामिल है. परियोजना में कुल 36 पुल और क्रॉसिंग बनाई जा रही हैं. इनमें 12 स्टील ब्रिज भी शामिल हैं, जो प्रमुख रेलवे लाइनों, उल्हास नदी, मुंबई-नासिक हाईवे को पार करेगा.

ठाणे और पालघर स्टेशन बेजोड़

ठाणे और पालघर में भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना में बेजोड़ इंजीनियरिंग स्ट्रक्चर क्षमता को दिखाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2027 को सूरत से विलिमोरा तक बुलेट ट्रेन के पहले चरण का उद्घाटन कर सकते हैं. जबकि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की 508 किमी की परियोजना 2029 तक पूरी होगी. हालांकि प्रोजेक्ट की लागत 1.1 लाख करोड़ रुपये के शुरुआती आकलन से करीब दोगुना हो गई है. 

 ये भी पढ़ें – बुलेट ट्रेन से 4 घंटे में दिल्ली से वाराणसी, यूपी के 11 बड़े शहरों को मिलेगी हाईस्पीड कनेक्टिविटी, जानें नोएडा, लखनऊ समेत पूरा रूट

भारत में जापान की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन को दौड़ने की तैयारी है, हालांकि उसके कोच में मिलने की देरी के कारण देसी बुलेट ट्रेन B-28 को ट्रैक पर उतारा जा सकता है. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है.

ये भी पढ़ें – बुलेट ट्रेन: मुंबई से 1 घंटे में पुणे, 4 घंटे में हैदराबाद, मुंबई-अहमदाबाद के बाद एक और हाईस्पीड रेल कॉरिडोर ने भरी रफ्तार



Prev Post
Next Post