बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: MCOCA कोर्ट ने मुंबई पुलिस को लगाई फटकार, अनमोल बिश्नोई की कस्टडी पर ये कहा | baba siddiqui murder case mcoca court slams mumbai police anmol bishnoi Custody Tihar Jail Crime Branch Compliance Report Crime News



मुंबई:

Baba Siddiqui Murder Case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की सुनवाई के दौरान विशेष MCOCA कोर्ट ने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने कहा कि मामले के मुख्य आरोपी अनमोल बिश्नोई की कस्टडी हासिल करने के लिए मुंबई पुलिस ने अपेक्षित कानूनी कोशिशें नहीं कीं. पूर्व महाराष्ट्र मंत्री बाबा सिद्दीकी की अक्टूबर 2024 में हुई हत्या के मामले में अनमोल बिश्नोई को मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है. वर्तमान में वह अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है. कोर्ट की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब मृतक नेता की पत्नी ने पुलिस जांच की दिशा और गंभीरता पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

कोर्ट ने पुलिस की निष्क्रियता पर जताई नाराजगी

विशेष MCOCA अदालत के न्यायाधीश सत्यनारायण आर. नवांदर ने सुनवाई के दौरान मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच को फटकार लगाई. अदालत ने कहा कि किसी आरोपी को हिरासत में लेना, उससे पूछताछ करना और मुकदमे के लिए पेश करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी है. ऐसे मामलों में अदालत को हस्तक्षेप करने की नौबत आना दुर्भाग्यपूर्ण है.

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अनमोल बिश्नोई पर है हत्या की साजिश का आरोप

अनमोल बिश्नोई पर आरोप है कि उसने अक्टूबर 2024 में पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश रची थी. वह पिछले वर्ष अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है. उसके खिलाफ अन्य मामलों में भी जांच चल रही है.

कोर्ट ने खारिज किया पुलिस का तर्क

मुंबई पुलिस की ओर से अदालत में कहा गया था कि अनमोल बिश्नोई की भौतिक मौजूदगी के बिना बाकी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा प्रभावित हो सकता है. हालांकि कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया. अदालत ने कहा कि वर्तमान समय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीक उपलब्ध है और न्यायिक प्रक्रिया उसके माध्यम से भी आगे बढ़ाई जा सकती है.

बाबा सिद्दीकी की पत्नी ने उठाए थे सवाल

यह मामला बाबा सिद्दीकी की पत्नी शहजीन सिद्दीकी द्वारा दायर की गई याचिका के बाद अदालत के सामने आया. याचिका में आरोप लगाया गया कि जांच एजेंसियां जानबूझकर अनमोल बिश्नोई को हिरासत में लेने की दिशा में पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहीं. याचिका में यह भी आशंका जताई गई कि इससे मामले के वास्तविक साजिशकर्ताओं की पहचान उजागर नहीं हो पाएगी.

अन्य मामलों में भी बंद है आरोपी

जानकारी के अनुसार, अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद अनमोल बिश्नोई को 2022 के टेरर फंडिंग और कथित भर्ती नेटवर्क से जुड़े एक मामले में फेडरल एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में बाबर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े आरोपों की भी जांच चल रही है.

24 जुलाई तक मांगी गई रिपोर्ट

अदालत ने मुंबई क्राइम ब्रांच को कानून के अनुसार सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट ने 24 जुलाई की अगली सुनवाई तक एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, जिसमें यह बताया जाए कि आरोपी की कस्टडी हासिल करने के लिए क्या-क्या प्रयास किए गए.







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