बेंगलुरु में ईद-मिलाद जुलूस के दौरान बवाल, केआर रोड पर दो गुटों में झड़प; पांच गिरफ्तार, कई मुकदमे दर्ज

बेंगलुरु:

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ईद-मिलाद जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच हुई झड़प के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। केआर रोड पर हुए विवाद में कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है, जबकि पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. घटना के बाद बसवनगुडी पुलिस स्टेशन में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. पुलिस के अनुसार, जुलूस के दौरान नारेबाजी को लेकर विवाद बढ़ा और बाद में कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई. वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया. फिलहाल क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है.

ईद-मिलाद के लिए किए गए थे विशेष सुरक्षा इंतजाम

बेंगलुरु दक्षिण डिवीजन के जयनगर सब-डिवीजन पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त को राज्यभर में मुस्लिम समुदाय द्वारा ईद-मिलाद मनाया गया. इसे देखते हुए पुलिस ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी. जयनगर सब-डिवीजन क्षेत्र में दो प्रमुख जुलूस निकाले गए थे. पहला जुलूस तिलकनगर से सिद्धापुरा, लालबाग और जेसी रोड होते हुए वाईएमसीए मैदान तक पहुंचा. दूसरा जुलूस कुमारस्वामी लेआउट से शुरू होकर बनशंकरी और बसवनगुडी क्षेत्र से गुजरते हुए लालबाग वेस्ट गेट और जेसी रोड के रास्ते वाईएमसीए मैदान तक गया.

केआर रोड पर बढ़ा तनाव

पुलिस के अनुसार, कुमारस्वामी लेआउट से निकला जुलूस दोपहर करीब 3:15 बजे बनशंकरी क्षेत्र में पहुंचा. उस समय जेपी नगर और बनशंकरी के पुलिस निरीक्षक जुलूस के साथ मौजूद थे और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित कर रहे थे. जब जुलूस बनशंकरी और बसवनगुडी थाना क्षेत्रों की सीमा पर स्थित गराड़ी अपार्टमेंट के पास केआर रोड पहुंचा, तब मुस्लिम समुदाय के लोग पारंपरिक तरीके से नारे लगा रहे थे. इसी दौरान पुलिस के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता पुनीत केरेहल्ली और उनके कुछ सहयोगी कथित तौर पर भगवा झंडे लेकर जुलूस के सामने आ गए. आरोप है कि उन्होंने “जय श्री राम” के नारे लगाए और जुलूस में शामिल लोगों को नारे लगाने से रोकने की कोशिश की, जिससे तनाव बढ़ गया.

मारपीट में लोग घायल

पुलिस के अनुसार जब पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने और दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास कर रहे थे, तभी मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने कथित तौर पर मुरली नामक व्यक्ति और अन्य लोगों पर हथियार से हमला कर दिया. इस घटना में कुछ लोग घायल हो गए. पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की.

सड़क पर धरना देने का आरोप

पुलिस का कहना है कि घायल लोगों को अस्पताल ले जाने के बजाय पुनीत केरेहल्ली और उनके समर्थक कथित तौर पर सड़क के बीचोंबीच बैठ गए और नारेबाजी करने लगे, जिससे यातायात और जुलूस दोनों बाधित हुए. आरोप है कि जब पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस में अस्पताल भेजने का प्रयास किया तो पुनीत केरेहल्ली ने एंबुलेंस में बैठने से इनकार कर दिया और सड़क पर लेटकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बाद में डीसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर घायलों को विक्टोरिया अस्पताल भेजा. एहतियातन पुनीत केरेहल्ली और मट्टीबाबू नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया.

तीन एफआईआर दर्ज

घटना के बाद बसवनगुडी पुलिस स्टेशन में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं. अब्दुल रज्जाक खान की शिकायत पर पुनीत केरेहल्ली और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आरोपियों में 35 वर्षीय पुनीत केरेहल्ली, रामनगर जिले के 26 वर्षीय गोपीगौड़ा और 24 वर्षीय विनोद नायक शामिल हैं. वहीं पुनीत केरेहल्ली की ओर से दर्ज कराई गई प्रतिशिकायत के आधार पर भी मामला दर्ज किया गया है. इसमें अखिल पाशा (18), अबूबकर सिद्दीक (24) और सैयद अनस (22) को आरोपी बनाया गया है. इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं.

सभी आरोपियों को अदालत में किया गया पेश

पुलिस के मुताबिक दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है. इसके अलावा बसवनगुडी ट्रैफिक पुलिस स्टेशन के मंजनाथ एचएस की शिकायत पर सड़क अवरुद्ध करने के आरोप में पुनीत केरेहल्ली और अन्य लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 385 के तहत अलग मामला भी दर्ज किया गया है.

जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

इनपुट : ANI


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