मॉनसून मारेगा पलटी, जुलाई के 15 दिनों में फिर मारेगा जोर, दिल्ली, यूपी से पंजाब-हरियाणा तक होंगे सराबोर


नई दिल्ली:

मॉनसून ने जुलाई के शुरुआती 15 दिनों में तो दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों को मायूस किया है, लेकिन बाकी 15 दिनों में वो इसकी भरपाई कर सकता है.  मौसम विज्ञान विभाग ने इसका संकेत दिया है. हालांकि उत्तर भारत में प्री मॉनसून रेन के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश जैसे में बारिश की कमी नहीं देखी गई है, लेकिन आने वाले वक्त में बारिश जोर पकड़ेगी. अगले हफ्ते दिल्ली एनसीआर में भी बारिश का अलर्ट है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक जुलाई 2026 के दौरान देश में औसत मासिक बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद है.

मौसम विभाग का अनुमान

मौसम विभाग ने मॉनसून बारिश के मासिक पूर्वानुमान (Monthly Outlook for Rainfall and Temperature for July 2026) में ये बात कही है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई में बारिश चार महीने की लंबी अवधि में औसत (LPA) का 94% से भी कम होगी. क्षेत्र के हिसाब से देखें तो देश के ज़्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. सिवाय उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों के, जहां सामान्य या उससे ज़्यादा बारिश होने की उम्मीद है.

जुलाई में बारिश का पूर्वानुमान

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान जुलाई महीने में औसतन सबसे ज्यादा बारिश होती है. ऐसे में औसत से कम बारिश का पूर्वानुमान किसानों के लिए बुरी खबर है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (Monsoon Mission Climate Forecast System) और दूसरे ग्लोबल क्लाइमेट मॉडल के ताजा अनुमान बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सीज़न के दौरान अल-नीनो की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है.इस साल जून महीने के दौरान औसत से 39.8% कम बारिश रिकॉर्ड की गई. जून महीने के दौरान देश में बारिश की कुल कमी 39.8% रही. मध्य भारत में मॉनसून की सबसे ज्यादा कमी (-50.4%) देखी गई. 

Rain Alert

Monsoon Rain

दिल्ली एनसीआर में मॉनसून की बारिश 

  • उत्तर प्रदेश में 1 से 15 जुलाई के बीच 122 मिमी औसत बारिश हुई है, जो सामान्य (124 मिमी) से करीब 1 फीसदी ही कम है. 
  • उत्तराखंड में जुलाई के 15 दिनों में 219 मिमी बारिश हुई है, जो 187.9 के सामान्य स्तर से 17 फीसदी अधिक है. 
  • राजस्थान में जुलाई के 15 दिनों में बारिश के सामान्य स्तर 64 की जगह 51 मिमी ही बारिश हुई है, जो 20 फीसदी कम है. 
  • दिल्ली में 15 दिनों में 117.8 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य स्तर 87.9 मिमी है, जो 39 फीसदी बढ़ोतरी दिखा रहा है. 
  • पंजाब में 73.9 मिमी सामान्य बारिश का स्तर है, जबकि 15 दिनों में 57.4 मिमी वर्षा हुई है, जो 22 फीसदी कमी है.  

जून में हुई कुल बारिश 1901 के बाद रिकॉर्ड की गयी पांचवीं सबसे कम बारिश थी. अल नीनो (El Nino) बनने की वजह से भारतीय क्षेत्र में बारिश पर बुरा असर पड़ रहा है, ये इसकी एक अहम वजह है.

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अगले सात दिनों में भारी बारिश

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और कुछ जगहों पर भारी बारिश होगी. 15 जुलाई को ओडिशा में कहीं-कहीं बहुत ज्यादा भारी बारिश और 16, 17 जुलाई को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में और अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है.

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