हिमांशु भाऊ… सिंस 2020। महज दो साल में उसने देश के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को चुनौती दी। ये बातें सामने आईं तो दिल्ली पुलिस समेत देश की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। सुरक्षा एजेंसियों ने जब हिमांशु भाऊ की आपराधिक पृष्ठभूमि खंगाली, तो वे भी हैरान रह गईं कि हरियाणा के रिटौली गांव के एक युवक ने कैसे जुर्म की दुनिया में अपना नेटवर्क खड़ा कर लॉरेंस बिश्नोई को चुनौती दे दी। हिमांशु भाऊ के रंगदारी वसूलने के तरीके ने उसे दूसरे गैंगस्टरों से अलग पहचान दिलाई। बताया जाता है कि रंगदारी नहीं देने पर वह केवल फायरिंग कर डराने के बजाय सीधे हत्या करने का फरमान सुना देता था। वहीं, लॉरेंस बिश्नोई गैंग और दूसरे गिरोहों के बारे में अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि वे फिरौती नहीं मिलने पर फायरिंग कर पीड़ितों में डर पैदा करते हैं।
हिमांशु भाऊ गैंग पर लंबे समय से काम कर रहे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक अधिकारी के मुताबिक, हिमांशु जब भी कोई पोस्ट या चिट्ठी जारी करता है, तो उस पर हमेशा हिमांशु भाऊ… सिंस 2020 लिखता है। अधिकारी ने बताया कि बाहरी दिल्ली और नजफगढ़ क्षेत्र के कई पुराने गैंगस्टरों की उम्र बढ़ चुकी है या वे जेल में बंद हैं। ऐसे में हिमांशु ने नीरज बवाना और अन्य गैंगस्टरों से हाथ मिलाया। पुराने गैंगस्टरों की घटती सक्रियता के बीच उसने अपना नेटवर्क मजबूत करना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विरोधी गैंगस्टरों और बदमाशों से भी गठजोड़ किया। शुरुआत में उसने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अपना आधार मजबूत करना शुरू किया।