मद्रास हाईकोर्ट ने राजनीतिक अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर एक बेहद नजीर पेश करने वाली और तल्ख टिप्पणी की है. अदालत ने साफ लफ्जों में कहा कि अभिव्यक्ति की संवैधानिक सुरक्षा की असली परीक्षा तब होती है जब कोई बात कड़वी या चुभने वाली हो, न कि तब जब वह बहुत शालीन और मीठी हो. […]