290kmph की रफ्तार से आ रही तबाही, 24 घंटे हाहाकारी हुई रफ्तार, वैज्ञानिक भी दंग, कैसे रुकेगी ये आफत?

290kmph की रफ्तार से आ रही तबाही, 24 घंटे हाहाकारी हुई रफ्तार, वैज्ञानिक भी दंग, कैसे रुकेगी ये आफत?

Hurricane Polo: कई बार मौसम अपना वो विकराल रूप दिखाता है, जिसे शुरुआत में कोई समझ नहीं पाता. कुछ ऐसा ही हुआ हरीकेन पोलो के साथ. जहां इसे पहले सामान्य समझा जा रहा था, वहीं 24 घंटे के अंदर इसने अपनी ताकत को 3 गुना बढ़ा लिया और अब इसकी रफ्तार इतनी ज्यादा हो चुकी है कि वैज्ञानिक भी डरे हुए हैं.

Hurricane Polo Impact on Weather: प्रशांत महासागर में मैक्सिको के तट से दूर अचानक एक ऐसा तूफान ताकतवर हो गया है, जिसकी रफ्तार ने मौसम वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है. इस तूफान का नाम है – हरीकेन पोलो. मंगलवार को पोलो तूफान ने कैटेगरी 5 की ताकत हासिल कर ली और इसकी लगातार चलने वाली हवाओं की रफ्तार 180 मील प्रति घंटे यानी करीब 290 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई. हालांकि हरीकेन पोलो की सबसे डरावनी बात सिर्फ इसकी अधिकतम रफ्तार नहीं है बल्कि असली रहस्य छिपा है इसकी ताकत बढ़ाने की रफ्तार में.

सोमवार को जहां पोलो तूफान की हवाएं करीब 50MPH की रफ्तार से चल रही थीं, वहीं इसके बाद महज एक दिन के भीतर इसकी ताकत में करीब 110MPH का इजाफा हो गया. सीधे-सीधे कहें तो जिस तूफान को एक दिन पहले अपेक्षाकृत कमजोर माना जा रहा था, वह मंगलवार सुबह तक सीधे कैटेगरी 5 हरीकेन में बदल गया. मौसम विज्ञान में 24 घंटे के भीतर हवाओं की रफ्तार में कम से कम 58MPH की बढ़ोतरी को ‘एक्सट्रीम रैपिड इंटेंसिफिकेशन’ यानि बेहद तेज गति से मजबूत होने की प्रक्रिया माना जाता है. पोलो ने इस सीमा को लगभग दोगुना पार कर दिया.

290 किलोमीटर होकर विकराल बना तूफान 

अमेरिका के नेशनल हरीकेन सेंटर ने इस तेजी को बेहद असाधारण बताया है. पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में इतनी तेज गति से ताकतवर बनने वाले तूफानों में पोलो का नाम अब प्रमुखता से लिया जा रहा है. 290 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार ने इसे साल का सबसे शक्तिशाली तूफान बना दिया है. मंगलवार दोपहर तक पोलो की हवाएं 290 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गईं, जो इतनी ज्यादा थी कि उस समय यह पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के दो सुपर टाइफून के साथ इस साल दुनिया का सबसे शक्तिशाली तूफान बन गया था. पोलो की ताकत बढ़ने के पीछे समुद्र का गर्म पानी और तूफान के लिए अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियां अहम भूमिका निभा रही हैं. यही परिस्थितियां तूफान को तेजी से ऊर्जा दे रही हैं.

हरीकेन पोलो की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है. (फाइल फोटो: AP)

कहां-कहां आएगी तबाही ?

  1. फिलहाल पोलो की सबसे खतरनाक हवाओं के सीधे मैक्सिको की जमीन से टकराने का अनुमान नहीं है.  तूफान मैक्सिको के तट के समानांतर उत्तर-पश्चिम दिशा में समुद्र के ऊपर बढ़ने की उम्मीद है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि तटीय इलाका पूरी तरह सुरक्षित है. मैक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तट के लिए ट्रॉपिकल स्टॉर्म अलर्ट जारी किए गए हैं. बुधवार से यहां तूफान के असर से तेज हवाएं और भारी बारिश देखने को मिल सकती है.
  2. गुएरेरो और मिशोएकन में गुरुवार तक करीब 3 से 6 इंच बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर बारिश 8 इंच तक पहुंचने का अनुमान है. इतनी बारिश से अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है.
  3. ओआक्साका, कोलिमा और जालिस्को क्षेत्रों में करीब 2 से 4 इंच बारिश होने की संभावना है. समुद्र के पास रहने वाले लोगों को तेज हवाओं और भारी बारिश का सामना करना पड़ सकता है.
  4. पोलो का सबसे बड़ा संभावित प्रभाव इसी देश के दक्षिण-पश्चिमी तटीय हिस्सों पर होगा. हालांकि तूफान की सबसे शक्तिशाली हवाएं समुद्र के ऊपर रहने का अनुमान है, लेकिन भारी बारिश बाढ़ और भूस्खलन का कारण बन सकती है.
  5. इसके अलावा पोलो का सीधा तूफानी प्रभाव अन्य देशों की जमीन पर पड़ने की संभावना नहीं है. इसका मुख्य खतरा मैक्सिको के तटीय क्षेत्रों और आसपास के समुद्री हिस्सों तक सीमित रहने की उम्मीद है.

पोलो की रफ्तार से वैज्ञानिक हैरान?

यही पोलो को रहस्यमयी और खतरनाक बनाता है. एक ओर तूफान के रास्ते में गर्म समुद्री पानी है, वहीं दूसरी ओर वातावरण भी उसके मजबूत होने के लिए अनुकूल बना हुआ है. इन परिस्थितियों ने तूफान को कुछ ही घंटों में जबरदस्त ऊर्जा हासिल करने का मौका दिया. जब किसी तूफान की रफ्तार 50MPH से बढ़कर 160MPH तक सिर्फ एक दिन में पहुंच जाए, तो मौसम वैज्ञानिकों के लिए उसकी अगली चाल पर नजर रखना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है. यह विशाल तूफान जमीन से कितनी दूरी बनाए रखेगा और इसकी ताकत आगे कितनी बदलती है-यही आने वाले दिनों का सबसे बड़ा सवाल है.

2015 में हरीकेन पैट्रिसिया ने दिखाया था ट्रेलर ?

पोलो की तेजी की तुलना पूर्वी प्रशांत क्षेत्र के कुछ बेहद शक्तिशाली तूफानों से की जा रही है. साल 2015 में हरीकेन पैट्रिसिया ने 24 घंटे में अपनी हवाओं की रफ्तार में करीब 120 मील प्रतिघंटा की बढ़ोतरी दर्ज की थी, जो इस क्षेत्र का रिकॉर्ड बताया जाता है. वहीं 2023 का हरीकेन ओटिस भी बेहद तेजी से मजबूत हुआ था. मैक्सिको के अकापुल्को से टकराने से पहले उसकी हवाओं की रफ्तार करीब 21 घंटे में 105 मील प्रति घंटा बढ़ गई थी. पोलो की करीब 110 मील प्रतिघंटा की बढ़ोतरी इसी खतरनाक श्रेणी की याद दिलाती है.

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