पब्लिक कैफे से काम करते दिखे इस देश के प्रधानमंत्री, न कोई सिक्योरिटी न VIP कल्चर, आस-पास कॉफी पीती रही जनता

पब्लिक कैफे से काम करते दिखे इस देश के प्रधानमंत्री, न कोई सिक्योरिटी न VIP कल्चर, आस-पास कॉफी पीती रही जनता

आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इसमें वे बिना किसी सिक्योरिटी या बॉडीगार्ड के एक पब्लिक कैफे में बैठकर काम करते दिख रहे हैं. सफेद शर्ट और टाई पहने पशिनयान आम ग्राहकों के बीच एक साधारण टेबल पर बैठकर लैपटॉप चला रहे हैं. काम खत्म होने पर उन्होंने बिना किसी वीआईपी नखरे के अपने फोन से ऑनलाइन पेमेंट करके कॉफी का बिल भी खुद चुकाया.

येरेवान: आम तौर पर जब किसी देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति की आवाजाही होती है, तो सड़कें बंद कर दी जाती हैं, सुरक्षा घेरा ऐसा होता है कि परिंदा भी पर न मार सके और आम जनता को उनसे कोसों दूर कर दिया जाता है. लेकिन जरा सोचिए कि आप किसी साधारण से कैफे में बैठे अपनी कॉफी की चुस्कियां ले रहे हों और ठीक बगल वाली टेबल पर आपके देश के प्रधानमंत्री अपना लैपटॉप खोलकर सरकारी काम निपटा रहे हों! ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला नजारा आर्मेनिया में देखने को मिला है. प्रधानमंत्री ने अपना काम निपटाया, कॉफी पी और आखिर में अपने मोबाइल से बिल का भुगतान भी खुद किया.

वीडियो में क्या दिखा: लैपटॉप पर काम और ऑनलाइन पेमेंट

आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान को एक आम पब्लिक कैफे में बैठकर आराम से काम करते देखा गया. सबसे खास बात ये रही कि न तो वहां कमांडो का कोई भारी-भरकम घेरा था, न ही आसपास मौजूद लोगों को हटाया गया.

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान बेहद सादगी भरे अंदाज में नजर आ रहे हैं. सफेद शर्ट, टाई और चश्मा पहने पशिनयान कैफे की एक साधारण लकड़ी की टेबल पर बैठे हैं और अपने लैपटॉप पर तेजी से उंगलियां चला रहे हैं.

टेबल पर उनके सामने ड्रिंक और कॉफी का कप रखा हुआ है. उनके ठीक आसपास अन्य ग्राहक भी बैठे हैं जो अपनी-अपनी बातचीत में मशगूल हैं. कोई उन्हें घूर नहीं रहा है और न ही कैफे का माहौल किसी वीआईपी मूवमेंट के कारण खराब हुआ है.

वीडियो के आखिर में कैफे का वोटर POS मशीन लेकर बिल के लिए आता है. प्रधानमंत्री पशिनयान बिना किसी प्रोटोकॉल के अपना स्मार्टफोन निकालते हैं और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट के जरिए खुद अपना बिल चुकाते हैं. ये सादगी और आधुनिक डिजिटल पेमेंट का तरीका लोगों को काफी पसंद आ रहा है.

कौन हैं निकोल पशिनयान?

आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान हमेशा से अपनी अलग राजनीतिक शैली के लिए जाने जाते रहे हैं.

  • पत्रकार से प्रधानमंत्री तक का सफर: पशिनयान राजनीति में आने से पहले एक निडर पत्रकार और संपादक थे. वो भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र की कमियों के खिलाफ लगातार लिखते रहे.
  • 2018 की क्रांति के नायक: साल 2018 में आर्मेनिया में हुए ऐतिहासिक ‘वोलवोट रिवोल्यूशन’ की अगुवाई पशिनयान ने ही की थी. इस शांतिपूर्ण जन आंदोलन के जरिए उन्होंने सत्ता परिवर्तन किया और देश के प्रधानमंत्री बने.
  • आम जनता से जुड़ाव: सत्ता में आने के बाद से ही पशिनयान ने अपनी ‘आम आदमी’ वाली छवि को बनाए रखा है. वो अक्सर बिना किसी भारी सुरक्षा काफिले के सड़क पर घूमते, साइकिल चलाते या आम लोगों के बीच चाय-कॉफी पीते देखे जाते हैं.

VIP कल्चर और सादगी के बीच का फर्क

दुनिया भर के ज्यादातर देशों में राजनेताओं और शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के आसपास एक मजबूत ‘वीआईपी कल्चर’ देखने को मिलता है. प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के निकलने पर ट्रैफिक रोक दिया जाता है, सुरक्षा कारणों से आम लोगों को दूर कर दिया जाता है और उनके आसपास सुरक्षा गार्डों की एक अभेद्य दीवार खड़ी कर दी जाती है. ऐसे माहौल में जब किसी देश का राष्ट्रप्रमुख बिना किसी सुरक्षा तामझाम के जनता के बीच जाकर बैठता है, तो ये कूटनीतिक और राजनीतिक दोनों लिहाज से एक बड़ा संदेश देता है:

  1. सुरक्षा का अहसास: ये दिखाता है कि देश में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति सामान्य है और देश का नेता अपनी ही जनता के बीच सुरक्षित महसूस करता है.
  2. नेताओं की सुलभता: इससे ये संदेश जाता है कि सरकार और जनता के बीच कोई बड़ी दीवार नहीं है. नेता भी समाज का ही एक हिस्सा हैं.
  3. सहानुभूति और भरोसा: जब लोग अपने नेता को अपनी तरह सामान्य जिंदगी जीते देखते हैं, तो उनके मन में नेता के प्रति भरोसा और अपनापन बढ़ता है.
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