Mumbai 4.0: चौथी मुंबई बसाने की तैयारी, पालघर के विरार-वसई, बोईसर में बसेगा नया शहर, एयरपोर्ट, बुलेट ट्रेन और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट
Raisina News Desk- अगस्त 27, 2026 03:40 PM IST

मुंबई:
मुंबई में बढ़ते बोझ के बीच मुंबई 3.0 के साथ ही चौथी मुंबई बनाने की तैयारी हो रही है. ये चौथी मुंबई पालघर जिले में बनेगी. विरार, वसई बेल्ट के साथ बोईसर और वधावन के बीच ये आधुनिक शहर होगा. इस मुंबई 4.0 में भारत का सबसे बड़ा पोर्ट, एयरपोर्ट, बुलेट ट्रेन स्टेशन के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और मल्टी मॉडल कॉरिडोर होगा, जो इसे मुंबई से कई गुना तेज रफ्तार वाला शहर बनाएगा. पालघर मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) का हिस्सा है और इसकी सीमाएं दक्षिण में मुंबई और ठाणे से लगी हैं. पालघर जिले का वसई-विरार सीधे मुंबई महानगर से जुड़ा है और मुंबई लोकल ट्रेन से भी जुड़ा है. इससे पहले रायगड जिले की पेन, उरण और पनवेल तालुका के 124 गांवों को मिलाकर 323 किमी के एरिया में तीसरी मुंबई का खाका खींचा गया है, जो नवी मुंबई एयरपोर्ट और अटल सेतु से लिंक है.
पालघर जिला मुख्यालय मुंबई से 87 किलोमीटर दूर है लेकिन जिले की दक्षिणी सीमाएं मुंबई और ठाणे शहर से सटी हैं.पालघर जिला, व्यापार, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक और एक्सपोर्ट हब बना रहा है. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) को 2030 तक 140 अरब डॉलर से दोगुना बढ़ाकर 300 अरब डॉलर के लक्ष्य पाने के लिए मुंबई 4.0 का खाका खींचा गया है.
मुंबई 1.0: साउथ और सेंट्रल मुंबई का एरिया, बांद्रा, अंधेरी, बोरीवली, जुहू, कुर्ला, घाटकोपर, मुलुंड, दादर, माटुंगा परेल आदि
मुंबई 2.0: नवी मुंबई को मुंबई का विस्तार कहते हैं, वाशी, नेरुल, खारघर और पनवेल, सीवुड्स इसके प्रुख इलाके हैं.
मुंबई 3.0: रायगड जिले की उरण, पेन और पनवेल तालुका के के 124 गांव, अटल सेतु और नवी मुंबई एयरपोर्ट से नजदीक
मुंबई 4.0: पालघर में वधावन, दहाणू, बोईसर और पालघर तालुका का तटीय और औद्योगिक क्षेत्र, वसई-विरार बेल्ट भी जुड़ा है
मुंबई 4.0 में वधावन और दहाणू परियोजनाएं सबसे बड़ी हैं, जहां देश का सबसे बड़ा मेगा वधावन बंदरगाह और भारत का पहला समुद्र में बना ऑफशोर एयरपोर्ट बन रहा है. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, बुलेट ट्रेन, उत्तन-विरार सी-लिंक, मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे और मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब यह एयरपोर्ट प्रस्तावित है. ये व्यापार और लॉजिस्टिक्स का सबसे बड़ा सेंटर होगा. बोईसर और पालघर तालुका में सिडको एक उन्नत औद्योगिक टाउनशिप बसा रही है. बोईसर में बड़ा मैन्युफैक्चरिंग और एंप्लायेंट सेंटर बन रहा है. वसई-विरार बेल्ट में मुंबई की भीड़भाड़ को कम करने के लिए यहां बुलेट ट्रेन के दो स्टेशन विरार और बोईसर बन रहे हैं. साथ ही विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर तैयार हो रहा है.
Palghar is becoming Maharashtra’s next growth engine. This district is not just a part of Maharashtra’s growth story. It is the chapter that will define it.
Under the visionary leadership of Hon. PM Shri Narendra Modi Ji, projects that once seemed distant possibilities are today… pic.twitter.com/C1IsqMZ7Yn
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) June 28, 2026
चिंचानी बीच पर वधावन पोर्ट JNPA और महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड द्वारा 76,220 करोड़ से अधिक की लागत से 1448 हेक्टेयर में विकसित हो रहा ग्रीनफील्ड पोर्ट है. इसका 20 मीटर गहरा ड्राफ्ट दुनिया के सबसे बड़े जहाजों को संभालने में सक्षम होगा. इसकी क्षमता JNPA से 3 गुना होगी. जवाहर लाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) की तुलना में इसकी क्षमता तीन गुना होगी. यह दुनिया के टॉप 10 पोर्ट में शामिल होगा और इससे 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का बोईसर (पालघर) स्टेशन खुलने के बाद यहां से बीकेसी (बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स) की यात्रा 30 मिनट से भी कम वक्त में पूरी होगी. बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की 8 में से 7 सुरंगें पालघर जिले में हैं. इसमें ठाणे क्रीक के नीचे देश की पहली 7 किमी लंबी समुद्र के नीचे से गुजरने वाली रेल टनल शामिल है.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे का जंक्शन पालघर जिले से गुजरेगा. एमएमआरडीए (MMRDA)का नारंगी क्रीक ब्रिज प्रोजेक्ट भी चौथी मुंबई का हिस्सा है. यहां 850 करोड़ का 4 किमी लंबा पुल वसई-विरार को पालघर और बोईसर से सीधे जोड़ेगा. इससे यात्रा 40 किमी छोटी और 45 मिनट में पूरी हो जाएगी. उत्तन-विरार सी-लिंक एक समुद्री पुल परियोजना भी बन रही है. पालघर में नया हवाई अड्डा और सी लिंक कॉरिडोर भी बनाने का प्रस्ताव है.
पालघर, तारापुर, बोईसर और वधावन को मिलाकर बड़ा मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर बनना है. वधावन बंदरगाह से भारत के कुल समुद्री व्यापार (ब्लू इकोनॉमी) को बड़ा उछाल मिलेगा. इससे महाराष्ट्र की जीडीपी ग्रोथ में बड़ा उछाल होगा.
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उत्तन-विरार सी-लिंक 58754 करोड़ की 6 लेन परियोजना है, जो सीधे मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे से जुड़ेगी. इससे साउथ मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा तेज होगी. इस 8 लेन के ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की JNPA से सीधी कनेक्टिविटी है, जो लॉजिस्टिक सप्लाई चेन को सुपरफास्ट करेगी. यह भीड़भाड़ वाले ठाणे-भिवंडी-घोड़बंदर रास्तों का विकल्प होगी. वडोदरा और मुंबई के बीच यात्रा का समय 8 घंटे से घटकर 4 घंटे रह जाएगा.
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