MP में फर्जी IAS-IPS के कारनामे: कोई बना जिला कलेक्टर, तो किसी ने बांटे जॉइनिंग लेटर
Raisina News Desk- सितंबर 03, 2026 01:31 AM IST

मध्य प्रदेश में फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह का मामला लोग भूले भी नहीं कि फिर दो फर्जी आईएएस-आईपीएस भोपाल और इंदौर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. इनके कारनामे भी तृप्ति सिंह राजपूत के जैसे ही है. लोगों को ठगना. रुतबा झाड़ना और खुद को बड़ा अफसर बनाया. तृप्ति सिंह के खिलाफ तो ठगी तो चौथी एफआईआर दर्ज हुई है जबकि खुद को जिला कलेक्टर बताने वाले हिमांशु पांचाल और फेक आईपीएस ऋषि यादव पर शिकंजे कसा गया है.
फेक आईएएस अधिकारी बनने का पहला मामला भोपाल के बागसेवनिया थाना इलाके में सामने आया है. भोपाल एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान के अनुसार तृप्ति सिंह ने चौथे मामले में मध्यप्रदेश टूरिज्म में होटल लीज पर दिलाने के नाम पर सिवनी निवासी गगन उपवंशी से 50 लाख रुपये हड़प लिए हैं. इससे पहले भी उसने भोपाल के बागसेवनिया थाने में दर्ज एक मामले के तहत बालाघाट निवासी रोहित लिल्हारे से 39 लाख रुपये की ठगी की थी.
Fake IAS: आरोपी तृप्ति सिंह राजपूत व उसकी सहेलियां.
फिलहाल एमपी के अशोकनगर की जेल में बंद तृप्ति सिंह के खिलाफ अब तक भोपाल और अशोकनगर में 2-2 मामले दर्ज हो चुके हैं. उसे पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लाने के लिए बागसेवनिया पुलिस रवाना हो गई है. भोपाल पुलिस पूछताछ में ठगी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में बड़ा खुलासा हो सकता है. इसी बीच तृप्ति सिंह का अपनी दो सहेलियों के साथ एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तीनों खुद को आईएएस अधिकारी बता रही हैं और तृप्ति को अपना सीनियर कह रही हैं. पुलिस अब तृप्ति की उन दोनों सहेलियों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है.
मध्य प्रदेश के इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में लोग जिस हिमांशु पांचाल को जिला कलेक्टर समझते थे वो भी फर्जी आईएएस निकला है. 28 वर्षीय आरोपी हिमांशु पांचाल ओमेक्स सिटी-1 स्थित अपने मकान पर “IAS RAJ SONI – District Collector” नाम की फर्जी नेम प्लेट लगाकर रहता था और खुद को आईएएस अधिकारी तथा जिला कलेक्टर बताता था.
Fake IAS: आरोपी हिमांशु पांचाल का घर.
पुलिस की शुरुआती पूछताछ के दौरान जब उससे आईएएस अधिकारी होने से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी वैध कागज पेश नहीं कर सका. पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर आरोपी ने अपना असली नाम हिमांशु पांचाल स्वीकार किया. उसने बताया कि वह समाज में अपना रुतबा और प्रभाव बढ़ाने के उद्देश्य से फर्जी आईएएस अधिकारी बनता था.
पुलिस ने उसके मकान से फर्जी नेम प्लेट, फोटो फ्रेम और कलेक्टर पद से जुड़ी भ्रामक सामग्री जब्त कर ली है. लसूड़िया पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ मई 2026 में गुजरात के अडालज थाने में भी एक केस दर्ज हो चुका है.
भोपाल के एमपी नगर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जो खुद को 2016 बैच का आईपीएस अधिकारी बताता था. झांसी का रहने वाला आरोपी ऋषि कुमार यादव बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करता था. उसका मुख्य टारगेट कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्र होते थे. वह खुद को कभी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का जॉइंट इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर तो कभी इंटेलिजेंस ऑफिसर बताता था. इसी तरह उसने करीब एक दर्जन युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए और उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के फर्जी जॉइनिंग लेटर भी थमा दिए.
Fake IPS: आरोपी ऋषि कुमार यादव
शिवराज मुडोतिया, जांच अधिकारी एमपी नगर थाना ने बताया कि फरियादी छात्रों की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उससे पूछताछ जारी है, जिससे ठगी के अन्य मामलों का खुलासा हो सकता है.