S-400 बेचने चला था तुर्की, रूस नहीं इजरायल ने अटका दी डील, UAE को क्यों नहीं खरीदने दे रहा?
Raisina News Desk- सितंबर 24, 2026 12:08 PM IST
Turkey S-400 News: भारत के हवाई सीमाओं की सुरक्षा करने के लिए रूस का S-400 सिस्टम हैं. यही सिस्टम तुर्की के पास भी है. अब तुर्की के S-400 को लेकर फिर हलचल तेज हो गई है. तुर्की में अमेरिका के राजदूत टॉम बराक ने साफ किया है कि रूस से खरीदे गए S-400 सिस्टम और तुर्की पर लगे अमेरिका के CAATSA प्रतिबंधों को लेकर बातचीत अभी जारी है. यानी जिस सौदे को कुछ समय पहले लगभग तय माना जा रहा था, उसमें अब भी पेंच बाकी है. इसी बीच तुर्की मीडिया में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तुर्की के S-400 को लेकर असली अड़ंगा रूस या अमेरिका नहीं, बल्कि इजरायल की ओर से लगाया जा रहा है. रिपोर्ट का दावा है कि इजरायल की ओर से UAE पर दबाव बनाया जा रहा है.
तुर्की ने रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा था. इस वजह से अमेरिका ने तुर्की को F-35 फाइटर जेट कार्यक्रम से बाहर कर दिया और CAATSA के तहत प्रतिबंध लगाए. CAATSA यानी ‘काउंटरिंग अमेरिकास एडवर्सरीस थ्रू सैंक्शनस एक्ट’ अमेरिका का 2017 में बनाया गया कानून है. इसके तहत उन देशों या संस्थाओं पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं जो रूस, ईरान या उत्तर कोरिया के साथ बड़े रक्षा या दूसरे अहम सौदे करते हैं. तुर्की पर ये प्रतिबंध रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के बाद लगाए गए थे.
अब अमेरिका और तुर्की इस पूरे विवाद को खत्म करने का रास्ता तलाश रहे हैं. अमेरिकी राजदूत टॉम बराक ने कहा है कि S-400 मामले को सुलझाने में समय लगेगा और दोनों देशों की टीमें इस पर लगातार काम कर रही हैं. उनके मुताबिक मामला सिर्फ तुर्की के पाले में नहीं है, बल्कि कई स्तरों पर बातचीत चल रही है.
करीब ढाई महीने पहले तुर्की के अखबार हुरियत में एक लेख आया था. इसमें कहा गया था कि तुर्की ने S-400 सिस्टम किसी खाड़ी देश को बेचने का फैसला कर लिया है. इसके बाद मीडिया रिपोर्टों में उस खाड़ी देश का नाम UAE बताया गया.
तुर्की के मीडिया आउटलेट हेबर-7 के मुताबिक, बातचीत से जुड़े एक सूत्र का दावा है कि रूस और तुर्की के बीच S-400 को लेकर रास्ता निकाला जा चुका है. यानी अड़चन रूस की तरफ से नहीं हैं. इसके बजाय दावा है कि असली दबाव UAE की ओर से तुर्की पर किया जा रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर UAE S-400 खरीदता है तो इजरायल इससे खुश नहीं होगा. उसने इस डील को रोकने के लिए अबू धाबी पर दबाव बनाया है.
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका की तरफ से भी इस विवाद को खत्म करने के संकेत मिल रहे हैं. टॉम बराक ने कहा है कि तुर्की और अमेरिका के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत हैं और दोनों देशों की रक्षा साझेदारी अहम है. उन्होंने यह भी कहा कि S-400 विवाद को हल किया जाएगा. इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका और तुर्की ऐसे फॉर्मूले की तलाश में हैं, जिसमें S-400 का मुद्दा भी सुलझ जाए और तुर्की के साथ रक्षा सहयोग भी आगे बढ़ सके.