गूंगी गुड़िया बताने पर सुनेत्रा पवार का जवाब- समय आने पर बोलूंगी; फडणवीस की पत्नी ने क्या कहा
Raisina News Desk- अगस्त 04, 2026 08:44 PM IST

मुंबई:
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार को गूंगी गुड़िया कहा था. इस पर राजनीतिक बवाल मच गया है और कांग्रेस भी बैकफुट पर है. इस बीच सुनेत्रा पवार ने भी इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है और कहा कि मैं समय पर आने पर बोलूंगी. वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता ने भी इस मामले में बात की है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. ऐसी बात करके उन्होंने अपमान किया है. इस दौरान देवेंद्र फडणवीस की भूमिका बदलने के कयासों पर भी अमृता ने बात की. उन्होंने कहा कि एक महाराष्ट्र की बेटी होने के नाते वह देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र में ही देखना चाहती हैं.
अब बात करते हैं कि आखिर यह मामला कब शुरू हुआ था. यह मामला महाराष्ट्र के बीड जिले से शुरू हुआ था. सुनेत्रा पवार जिले की प्रभारी मंत्री हैं. वह दौरे पर थीं तो मीडिया ने उसने जिले की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल पूछा था. इस दौरान धनंजय मुंडे भी थे, जिन्होंने सुनेत्रा पवार को जवाब देने से रोक दिया था. इस वाकये का वीडियो महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था. उन्होंने सुनेत्रा पवार को गूंगी गुड़िया बताया था और कहा था कि आखिर उन्होंने जवाब क्यों नहीं दिया. महिला डिप्टी सीएम को गूंगी गुड़िया कहे जाने पर राजनीतिक बवाल बढ़ा तो हर्षवर्धन सपकाल ने सफाई भी दी और कहा कि इंदिरा गांधी के लिए भी ऐसा शब्द इस्तेमाल किया गया था.
इंदिरा गांधींनाही एका काळात ‘गुंगी गुडिया’ म्हटले गेले होते. मात्र त्यांनी आपल्या कर्तृत्वातून ‘दुर्गा’ अशी ओळख निर्माण केली. https://t.co/IIMZDEiRnS
— Harshwardhan Sapkal (@INCHarshsapkal) August 4, 2026
हर्षवर्धन ने कहा कि इंदिरा गांधी ने अपने कामों से इस बात को गलत साबित किया था. उन्होंने कहा कि मेरी बात को सुनेत्रा पवार के मान-सम्मान से जोड़ा जा रहा है, जो गलत बात है. हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि लोकतंत्र में यह शोभा नहीं देता कि डिप्टी सीएम के पद पर बैठा व्यक्ति पत्रकारों के सवालों का जवाब न दे पाए, जबकि एक विधायक उनकी मौजूदगी में पत्रकारों को चुप करा दे. सपकाल ने यह सवाल भी दागा कि क्या ‘गूंगी गुड़िया’कोई गाली है? क्या यह अपमानजनक शब्द है? क्या यह असंसदीय भाषा है? उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है और सुनेत्रा पवार पर यह टर्म बिलकुल फिट बैठती है.