छात्रों ने पेपर लीक का 'फायदा उठाया' और दूसरी बार में बेहतर प्रदर्शन किया: निर्मला सीतारमण
Raisina News Desk- जुलाई 25, 2026 07:18 AM IST

नई दिल्ली:
पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कई छात्रों ने पेपर लीक का ‘फायदा उठाया’ है और अपना प्रदर्शन बेहतर किया है. ANI को दिए इंटरव्यू में सीतारमण ने कहा कि ऐसे युवा हैं जो सामने आकर कह रहे हैं, ‘हां, जब पेपर लीक हुआ तो मुझे बुरा लगा, लेकिन बाद में मैंने उसका फायदा उठाया, इसके बाद और भी अच्छी तैयारी की, जिससे मेरा प्रदर्शन बेहतर हुआ. तो, ऐसे युवा भी हैं जिन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और शानदार सफलता हासिल की.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हालात पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और ये सुनिश्चित किया है कि जिन लोगों ने परीक्षाओं की ‘पवित्रता का उल्लंघन’ किया है, उन पर जल्द से जल्द कार्रवाई हो. सीतारमण ने कहा कि दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) के जल्द आयोजन और समय पर नतीजे घोषित होने से छात्रों को अपनी उच्च शिक्षा के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद मिली है.
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वित्त मंत्री ने कहा कि पेपर लीक पर सरकार के तेज़ी से उठाए गए कदमों ने विपक्ष के हमले को बेबुनियाद साबित कर दिया है.
उन्होंने कहा, “यह मामला देश के छात्रों और युवाओं से जुड़ा है, खासकर उनकी परीक्षा की तैयारी, पेपर लीक और दोबारा परीक्षा से. तैयारी कर रहे बच्चों की उम्र के हिसाब से ये बातें बहुत संवेदनशील होती हैं. अगर सरकार संवेदनशील नहीं होती या कोई प्रतिक्रिया नहीं देती, तो मैं विपक्ष के ऐसे हमले को समझ सकती थी. प्रधानमंत्री स्तर पर इस पर जवाब दिया गया है.” उन्होंने वादा किया कि पेपर लीक के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दी जाएगी.
सीतारमण ने कहा, “असल में, फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और पेपर लीक करके, खरीदकर या बेचकर परीक्षा की पवित्रता को तोड़ने वालों को सज़ा दिलाने के ऐलान से बहुत पहले ही, सरकार ने उन लोगों को गिरफ़्तार कर लिया था, जिन्होंने असल में यह अपराध किया था.” उन्होंने कहा कि NEET पेपर खरीदने और बेचने वालों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
सरकारी सूत्रों ने NDTV को बताया कि बीजेपी धर्मेंद्र प्रधान का समर्थन कर रही है और उनके इस्तीफ़े की कोई संभावना नहीं है.
सरकार ने प्रदर्शनकारियों से संपर्क किया है और PM मोदी ने पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई का वादा किया है. वहीं केंद्रीय मंत्रियों ने CJP के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात की है. इधर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), जो मेडिकल एंट्रेंस एग्ज़ाम कराती है, उसमें पूरी तरह से बदलाव कर दिया गया है. सरकार ने टेस्टिंग एजेंसी से 47 लोगों को हटा दिया है. हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी पुरानी मांग पर अड़े हुए हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांग रहे हैं.
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