दुनिया की सबसे बड़ी 'जेन जी' आबादी भारत में, पर सबसे युवा वोटर नहीं; क्या कहते हैं आंकड़े?

नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता की मांग, रोजगार के अवसर और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम मुद्दों पर ‘जेन जी’ पीढ़ी लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रही है. जल्द  ही ‘जेन जी’ पीढ़ी एक ऐसा वोटर समूह बनती जा रही है, जिसे आने वाले वक्त में सरकारें और राजनीतिक दल नजरअंदाज नहीं कर सकते. जिस तरह से इनका प्रभाव बढ़ रहा है वो बदलती जनसांख्यिकी में भी नजर आ रहा है. ऐसा अनुमान है कि 2029 के लोकसभा चुनाव तक ‘जेन जी’ देश की सबसे बड़ी वयस्क पीढ़ी बन जाएगी. इसका अर्थ ये है कि यह भारत के सबसे प्रभावशाली वोटर समूहों में से एक होगी.

भारत में दुनिया में सबसे बड़ी ‘जेन जी’ आबादी

संयुक्त राष्ट्र की वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट 2026 रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में 15 से 24 आयुवर्ग के युवाओं की जनसंख्या का 60 फीसद केवल 10 देशों में होगा. ये देश होंगे बांग्लादेश, इथियोपिया, भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, मेक्सिको और अमेरिका.

वहीं संयुक्त राष्ट्र की वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में भारत में 14 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 40.7 करोड़ लोग होंगे. यह दुनिया में सबसे बड़ी ‘जेन जी’ आबादी होगी. चीन में ‘जेन जी’ की संख्या करीब 26.4 करोड़ होगी तो पाकिस्तान में यह संख्या 7.9 करोड़ और नाइजीरिया में करीब 7.6 करोड़ होगी.

दुनिया में सबसे अधिक आबादी भारत में रहती है लिहाजा ‘जेन जी’ की संख्या भी सबसे अधिक होना स्वाभाविक है. लेकिन जब हम देश की आबादी में ‘जेन जी’ की हिस्सेदारी को देखते हैं तो आंकड़े अलग दिखते हैं.

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सबसे युवा वोटर्स की आबादी भारत में नहीं

पॉपुलेशन प्रोजेक्शन प्रॉस्पेक्ट (2026) के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 18 साल या उससे अधिक आयुवर्ग वाली आबादी में 18 से 29 वर्ष के लोगों की हिस्सेदारी महज 29.2 फीसद है. इसका मतलब ये हुआ कि देश में हर 10 में से तीन मतदाता ‘जेन जी’ का है.

फिर भी, जिन देशों में ‘जेन जी’ की आबादी सबसे अधिक है, उनमें भारत सबसे युवा वोटर आबादी वाला देश नहीं है.

इथियोपिया (41.8 प्रतिशत), नाइजीरिया (41.4 प्रतिशत), पाकिस्तान (37.3 प्रतिशत) और बांग्लादेश (32.3 प्रतिशत)- इन सभी देशों में मतदाताओं के बीच ‘जेन जी’ की हिस्सेदारी अधिक है, जो  उनके युवा आबादी का अनुपात भारत से अधिक है. 

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बिहार में सबसे मजबूत है ‘जेन जी’ वोट

2026 की अनुमानित आबादी के हिसाब से बड़े राज्यों जैसे- बिहार में ‘जेन जी’ वोटर्स की हिस्सेदारी सबसे अधिक है. यहां कुल मतदाताओं के बीच 18-29 साल की उम्र के वोटर्स की हिस्सेदारी 36.8% है. इसके बाद उत्तर प्रदेश (33.9%), झारखंड (33.8%), राजस्थान (32.3%) और मध्य प्रदेश (31.4%) का नंबर आता है. यानी इन राज्यों में युवा मतदाता चुनावी नतीजों पर अपेक्षाकृत अधिक प्रभाव डाल सकते हैं.

दक्षिण भारत में अपेक्षाकृत उम्रदराज वोटर आबादी

दूसरी ओर, दक्षिण भारत के कई राज्यों में वोटर आबादी अपेक्षाकृत अधिक उम्र की है. केरल में योग्य मतदाताओं में ‘जेन जी’ की हिस्सेदारी सबसे कम 22.2 फीसद है.

इसके बाद तमिलनाडु में 22.6 फीसद, आंध्र प्रदेश में 24.3 फीसद, हिमाचल प्रदेश में 24.6 फीसद और पंजाब में 25.1 फीसद ‘जेन जी’ मतदाता हैं.

यह अंतर भारत के अलग-अलग राज्यों में जनसंख्या परिवर्तन की गति को भी दिखाता है.

उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में जन्म दर अपेक्षाकृत अधिक रहने के कारण वहां युवा आबादी का अनुपात अभी भी ज्यादा है.

वहीं दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में जनसंख्या वृद्धि धीमी हो चुकी है और वहां मतदाता आबादी अपेक्षाकृत अधिक उम्र की होती जा रही है.

2029 के चुनाव में क्यों बढ़ेगी ‘जेन जी’ की ताकत

जैसे-जैसे करोड़ों युवा 18 वर्ष की आयु पूरी करके मतदाता सूची में शामिल होंगे, वैसे-वैसे ‘जेन जी’ का चुनावी प्रभाव और बढ़ेगा.

2029 के लोकसभा चुनाव तक यह पीढ़ी भारत की सबसे बड़ी वयस्क आबादी बन सकती है. ऐसे में राजनीतिक दलों को आधुनिक मुद्दों पर फोकस करना होगा क्योंकि यह केवल सोशल मीडिया पर ट्रेंड बनाने वाली पीढ़ी नहीं रह जाएगी, बल्कि अपने मतदान के फैसले से चुनाव की दिशा बदलने की ताकत भी ‘जेन जी’ के हाथों में होगी.

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