बिहार सरकार के फैसले के बीच समझें- जनरल कंसेंट क्या होता है, CBI से किन राज्यों ने छीनी ये शक्ति
Raisina News Desk- सितंबर 06, 2026 03:32 AM IST

बिहार सरकार ने सीबीआई जांच को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब बिहार सरकार की अनुमति के बिना सीबीआई बिहार सरकार के कर्मचारी या फिर राज्य सरकार से जुड़ी संस्थाओं के कर्मचारियों के खिलाफ जांच नहीं कर पाएगी.
वहीं अगर मामला किसी केंद्र के कर्मचारी से जुड़ा है, केंद्र की किसी सरकारी कंपनी के कर्मचारी से जुड़ा है तो उस स्थिति में सीबीआई को इजाजत लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसका मतलब है कि बिहार सरकार ने सीबीआई को मिलने वाले जनरल कंसेंट में कुछ बदलाव किया है.
सीबीआई एक ऐसी जांच एजेंसी है जो दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 1946 के तहत काम करती है. इस कानून के मुताबिक, अगर सीबीआई को किसी भी राज्य में किसी अपराध की जांच करनी है तो उसे सबसे पहले राज्य सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है.
इस कानून की धारा 6 में राज्य से सहमति लेने की बात कही गई है. इसका मतलब है कि सीबीआई के अधिकारी, जब तक राज्य सरकार से अनुमति नहीं ले लेते, तब तक किसी राज्य में पुलिस की तरह कार्रवाई नहीं कर सकते.
यही पर सीबीआई और एनआईए में बड़ा अंतर है. सीबीआई को एक राज्य में जांच के लिए राज्य सरकार की सहमति लेनी पड़ती है, वहीं एनआईए एक्ट, 2008 की वजह से एनआईए को पूरे देश में जांच करने का अधिकार रहता है.
राज्य सरकार सीबीआई को दो तरह से अनुमति दे सकती है. एक तरीका होता है किसी एक विशेष मामले में सीधे जांच की अनुमति देना और दूसरा होता है जनरल कंसेंट.
जनरल कंसेंट का मतलब है कि राज्य सरकार सीबीआई को पहले से ही एक सामान्य अनुमति दे देती है. इससे सीबीआई को हर मामले के लिए राज्य सरकार से अलग-अलग अनुमति मांगने की जरूरत नहीं पड़ती.
अब जनरल कंसेंट देने के पीछे का तर्क भी यही होता है कि अगर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार या फिर कोई दूसरा मामला सामने आता है तो सीबीआई आसानी से अपने स्तर पर जांच कर सके.
यहीं पर दूसरा सवाल आता है कि अगर कोई राज्य सरकार सीबीआई से जनरल कंसेंट वापस ले, तब क्या होगा?
ऐसी स्थिति में सीबीआई उस राज्य में किसी भी नए मामले की जांच तब तक नहीं कर सकती, जब तक उसे राज्य सरकार से अनुमति नहीं मिल जाती. चाहे मामला केंद्र सरकार के किसी अधिकारी से जुड़ा हो या फिर राज्य के किसी निजी व्यक्ति से.यानी, जनरल कंसेंट वापस ले लिया जाए तो सीबीआई उस राज्य में पूरी आजादी के साथ काम नहीं कर सकती.
वर्तमान में केरल, झारखंड, पंजाब, मेघालय, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक ऐसे राज्य हैं, जिन्होंने सीबीआई को जनरल कंसेंट नहीं दे रखा है. इसका मतलब है कि इन राज्यों में हर मामले से पहले राज्य सरकार से इजाजत लेना अनिवार्य है.
कब-कब छीना गया जनरल कंसेंट?
वैसे सीबीआई से सबसे पहले जिस जनरल कंसेंट छीनने वाला राज्य मिजोरम था. साल 2015 में मिजोरम ने सीबीआई से यह अधिकार छीना था. इसके बाद 2018 में पश्चिम बंगाल, फिर 2019 में छत्तीसगढ़ ने भी यह कदम उठाया था. इसके बाद 2020 में राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल, झारखंड और पंजाब ने भी जनरल कंसेंट वापस लिया था. फिर 2022 में तेलंगना और 2024 में कर्नाटक ने यह फैसला लिया था. बाद में महाराष्ट्र ने 2022 में सीबीआई का जनरल कंसेंट वाला अधिकार फिर बहाल कर दिया था. इसी प्रकार से 2024 में छत्तीसगढ़ ने भी जनरल कंसेंट दे दिया था.