महिला ने साइबर ठगी मामलों के नोटिस से घबराकर दी जान, कई राज्यों में दर्ज थे केस

मुंबई:

महाराष्ट्र के डोंबिवली में अपने बैंक खाते का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर साइबर ठगी के लिए होने और कई राज्यों में पुलिस केस दर्ज होने की बात पता चलने के बाद एक 38 वर्षीय महिला ने खौफ और तनाव में आकर आत्महत्या कर ली.  मृतका का नाम देविका आरमुगम पंडारम है. वह डोंबिवली (पूर्व) के जिमखाना रोड स्थित सांगर्ली गांव की साईराम सोसाइटी में रहती थीं. 

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, देविका का डोंबिवली के तिलक नगर स्थित ‘बैंक ऑफ महाराष्ट्र’ की शाखा में एक खाता था, जिसका वह नियमित रूप से इस्तेमाल करती थीं. बीते 8 अगस्त को राजस्थान के चुरू पुलिस स्टेशन की साइबर सेल की एक टीम डोंबिवली स्थित उनके घर पहुंची थी.

पुलिस ने देविका को एक नोटिस थमाया. इसमें बताया गया था कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन माध्यम से लोगों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी करने के लिए किया गया है. इस मामले में राजस्थान के चुरू पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4), 61 (2) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए चुरू साइबर पुलिस स्टेशन में हाजिर होने का निर्देश दिया था.

देविका डर गई थी

देविका को यह समझ नहीं आ रहा था कि जब उन्होंने कभी अपने खाते का कोई गलत इस्तेमाल नहीं किया, तो राजस्थान पुलिस ने उन्हें नोटिस क्यों भेजा. इसकी सच्चाई जानने के लिए वह ठाणे पुलिस आयुक्तालय के साइबर क्राइम विभाग पहुंचीं.

वहां अधिकारियों ने जांच के बाद उन्हें बताया कि उनके खाते का इस्तेमाल करके कई लोगों के साथ बड़े पैमाने पर ठगी की गई है. अधिकारियों ने जानकारी दी कि उनके खिलाफ सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात और तमिलनाडु के साइबर पुलिस स्टेशनों में भी मामले दर्ज हैं.

इतने सारे राज्यों में अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सुनकर देविका बुरी तरह घबरा गईं और गहरे तनाव में चली गईं. इसी मानसिक दबाव के चलते, मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे सांगर्ली स्थित अपने घर पर उन्होंने एक धारदार ब्लेड से अपने हाथ की नस और गले पर वार कर लिया.

पुलिस अब क्या कर रही है? 

खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल देविका को उनके रिश्तेदारों ने तुरंत पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया. वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें केडीएमसी के शास्त्रीनगर अस्पताल ले जाने की सलाह दी. हालांकि, शास्त्रीनगर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

मृतका की रिश्तेदार उषा वेल्लार की तरफ से दी गई जानकारी के आधार पर, मानपाड़ा पुलिस स्टेशन ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु ADR की रिपोर्ट दर्ज कर ली है. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीपन शिंदे के मार्गदर्शन में पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है.

(अमजद खान के इनपुट के साथ)

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