राहुल गांधी को जहां सुननी थी 'छात्रों की गूंज', प्रयागराज में उस जगह की बुकिंग ही कैंसिल

रायबरेली से कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शनिवार आठ अगस्त को प्रयागराज दौरे से ठीक पहले अचानक बड़ा घमासान छिड़ गया है. राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत प्रतियोगी छात्रों से होने वाले संवाद, पेपर लीक, और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए बुक किए गए केपी कॉलेज मैदान की बुकिंग को केपी ट्रस्ट ने बुधवार को रद्द कर दिया है.

इसके लिए कायस्थ पाठशाला के केपी कॉलेज ग्राउंड को बुक किया गया था. लेकिन ऐन वक्त पर केपी ट्रस्ट ने इस कार्यक्रम की बुकिंग निरस्त कर दी है जिससे पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है. वहीं कार्यक्रम स्थल की बुकिंग कैंसिल किए जाने वाले आदेश के बाद कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए जानबूझकर कार्यक्रम को रोके जाने की कोशिश बताया है. 

पूरा विवाद क्या है?

मिली जानकारी के अनुसार कायस्थ पाठशाला (केपी ट्रस्ट) के कार्यवाहक अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह की ओर से जारी पत्र में बुकिंग निरस्त करने का कारण सामने आया है. ट्रस्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 14 अगस्त 2025 के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि कोर्ट ने स्कूल-कॉलेज के मैदानों के व्यावसायिक और ऐसे आयोजनों पर रोक लगाई है जिससे बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो. पत्र में कहा गया है कि शनिवार को कार्यक्रम होने से दो विद्यालयों के पठन-पाठन पर असर पड़ेगा. साथ ही बारिश के मौसम में आउटडोर ग्राउंड खराब होने की आशंका जताई गई है जिसे ठीक करने में काफी समय और परेशानी होगी.

कांग्रेस का क्या आरोप?

ट्रस्ट ने सुझाव दिया है कि यह आयोजन बारिश के बाद किसी अवकाश के दिन रखा जाए. केपी ट्रस्ट ने कांग्रेस द्वारा जमा कराई गई बुकिंग धनराशि भी कार्यालय से वापस देने की इच्छा जताई है. वहीं अब केपी ट्रस्ट के इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पार्टी का पक्ष रखा. अजय राय ने 30 जुलाई का अनुमति पत्र दिखाते हुए कहा कि जब 30 तारीख को केपी ट्रस्ट ने लिखित अनुमति दी थी तब ऐसी कोई शर्त या नियम आड़े नहीं आया था. उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि राज्य की सरकार के दबाव में आकर ट्रस्ट को यह अनुमति निरस्त करनी पड़ी है.

अजय राय ने कहा कि इससे पहले राजस्थान के कोटा और उत्तराखंड के देहरादून में भी सरकारों ने राहुल गांधी के कार्यक्रमों को दबाने और रद्द कराने की कोशिश की थी. लेकिन छात्रों और जन दबाव के कारण दोनों जगह सरकारों को झुकना पड़ा और अनुमति देनी पड़ी. प्रयागराज में भी छात्रों के भारी दबाव के आगे सरकार को झुकना पड़ेगा.

अजय राय ने क्या कहा है?

अजय राय ने प्रयागराज को बहादुरों, शहीदों और देश का भविष्य गढ़ने वाले युवाओं की पावन संगम नगरी करार दिया. उन्होंने कहा कि यहां देश भर से हजारों-हजार छात्र आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारी बनने का सपना लेकर आते हैं. अजय राय ने स्पष्ट दावा किया कि राहुल गांधी आठ अगस्त को हर हाल में प्रयागराज आएंगे और छात्रों के भविष्य को लेकर उनसे सीधा संवाद करेंगे. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि यदि केपी कॉलेज ग्राउंड को लेकर कोई अड़चन खड़ी की जा रही है तो प्रशासन तुरंत राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए स्काउट गाइड इंटर कॉलेज मैदान या हॉलैंड हॉल के मैदान जैसा कोई अन्य विकल्प मुहैया कराए.

उन्होंने कहा कि शनिवार शाम 5 बजे से 7:30 बजे तक का समय इसीलिए चुना गया था ताकि पठन-पाठन में कोई व्यवधान न पड़े.केपी ट्रस्ट के पत्र के बाद भले ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई हो लेकिन कांग्रेस नेताओं के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं. ये भी बताया जा रहा है कि बुधवार शाम को प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इस संबंध में वार्ता हो चुकी है. अजय राय ने कहा कि राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर सरकार ऐसे हथकंडे अपना रही है लेकिन आठ अगस्त को छात्रों के अधिकारों की गूंज प्रयागराज की धरती पर जरूर सुनाई देगी.


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