4 बहनों का इकलौता भाई शहीद, कौन थे कमांडो अजय कुमार भगत, जो हर‍ियाणा से हुए लापता, UP में म‍िला शव

Ajay Kumar Bhagat Para Commando:  हर‍ियाणा के हथनीकुंड बैराज के पास हुए हादसे में चार बहनों ने अपना इकलौता फौजी भाई और देश के बहादुर पैरा कमांडो अजय कुमार भगत को खो दिया. 26 वर्षीय अजय कुमार जम्मू-कश्मीर के अखनूर स्थित राखी मुट्ठी में नई बस्ती नड्ड के रहने वाले थे. शुक्रवार को शहीद अजय कुमार के पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई. शहीद कमांडो को आखिरी सैल्यूट देने के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा. उनकी शवयात्रा में लोगों ने अजय कुमार अमर रहे के नारों से आंसमां गूंजा द‍िया. 

कैसे शहीद हुए अजय कुमार?

1 सितंबर 2026 को हरियाणा के यमुनानगर जिले में हथनीकुंड बैराज के पास अजय कुमार व लांस नायक रोहित नारायण समेत भारतीय सेना के पांच जवान अभ्यास कर रहे थे. इस दौरान पांचों जवान चिनूक हेलीकॉप्टर से यमुना नदी में खड़ी एक नाव में कूदे. नाव में तकनीकी खराबी आने के कारण वह असंतुलित होकर डूबने लगी. ऐसे में पांचों जवान पानी में उतर गए. तीन जवान तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि अजय कुमार और लांस नायक रोहित नारायण यमुना नदी के तेज बहाव में बह गए. 

शहीद कमांडो को आखिरी सैल्यूट देने के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा. Photo Credit: DD News Jammu

मछली पकड़ने के लिए लगाए गए जाल में फंसा मिला शव

लापता जवानों की तलाश में भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया. 2 सितंबर की रात करीब 8 बजे हथनीकुंड बैराज से 15 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बरथा कोरसी गांव में नदी से अजय कुमार का शव मिला. यहां स्थानीय लोगों ने मछली पकड़ने के लिए जाल लगाया हुआ था, जिसमें उनका शव फंसा हुआ था. अगले दिन, 3 सितंबर को दूसरे जवान लांस नायक रोहित नारायण का शव भी बरामद कर लिया गया, जो महाराष्ट्र के रहने वाले थे. 

पैरा कमांडो अजय कुमार का परिवार

अजय कुमार के पिता बिट्टू राम ने मजदूरी करके उन्हें पढ़ाया-लिखाया. उन्होंने अखनूर के बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद वे भारतीय सेना में शामिल हुए और पैरा कमांडो की ट्रेनिंग ली. लगभग चार साल पहले अजय कुमार की शादी हुई थी और उनकी अभी कोई संतान नहीं है. उनकी मां की तबीयत अक्सर खराब रहती है. 

26 वर्षीय अजय कुमार जम्मू-कश्मीर के अखनूर स्थित राखी मुट्ठी में नई बस्ती नड्ड के रहने वाले थे. Photo Credit: DD News Jammu

आखिरी कॉल में पूछे थे पिता के हाल-चाल

मीडिया से बातचीत में शहीद कमांडो अजय कुमार के पिता बिट्टू राम ने बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बार 1 सितंबर को फोन पर बात हुई थी. तब बेटे ने उनके हाल-चाल पूछे थे. अगले ही दिन, 2 सितंबर को भारतीय सेना के अधिकारियों ने फोन करके जानकारी दी कि उनका बेटा सैन्य अभ्यास के दौरान लापता हो गया है. उसी दिन रात 8 बजे उनकी शहादत की दुखद खबर मिली.  

एक शव यूपी में, तो दूसरे का हरियाणा में मिला

न्यूज़ एजेंसी भाषा के अनुसार, प्रताप नगर थाना प्रभारी रोहताश ने बताया कि दोनों जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं. एक जवान का शव बुधवार शाम बैराज से करीब 10-15 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश की सीमा से बरामद किया गया, जबकि दूसरे जवान का शव गुरुवार को बैराज से 150 किलोमीटर से अधिक दूर जींद जिले की हांसी शाखा नहर में मिला.

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