Explainer: भारत के परमाणु हथियारों का 'बटन' किसके पास? भारत की सबसे सीक्रेट सैन्य कमांड की कहानी
Raisina News Desk- जुलाई 16, 2026 01:13 AM IST
दुनियाभर के देश अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए नए-नए हथियार बनाते हैं. भारत भी दुनिया के ताकतवर देशों में शामिल हैं. जब भी देशों के बीच युद्ध या तनाव की बात होती है, तो सबसे बड़ा खौफ परमाणु हथियारों का होता है. परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना आसान नहीं होता. पूरी दुनिया में केवल एक बार ही परमाणु अटैक किया गया है. भारत भी दुनिया की बड़ी परमाणु शक्तियों में शामिल है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के महाविनाशकारी परमाणु हथियारों का कंट्रोल किसके पास है? अगर कभी युद्ध की स्थिति में परमाणु अटैक करने की नौबत आई, तो कौन इसका फैसला करेगा? आज हम भारतीय सेना की उसी कमांड के बारे में बता रहे हैं, जो भारत के परमाणु हथियारों को कंट्रोल करती है.
भारत में परमाणु हथियारों को संभालने और कंट्रोल करने की जिम्मेदार भारत की सबसे ताकतवर और गोपनीय सैन्य विंग स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) के पास है. ये कमांड सीधे पीएमओ को रिपोर्ट करती है. इसकी राजनीतिक काउंसिल के अध्यक्ष भी भारत के प्रधानमंत्री ही होते हैं. युद्ध की स्थिति में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना है या नहीं, यह फैसला SFC पीएमओ के साथ मिलकर करती है. SFC को सामरिक परमाणु कमान भी कहा जाता है. यह कमांड न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी (NCA) के अंतर्गत काम करती है.

भारत ने साल 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण किए थे. इसके पांच साल बाद 4 जनवरी 2003 को स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड की स्थापना की गई. यह कमांड भारतीय सेना, एयरफोर्स और नेवी के सैनिकों और कमांडरों को मिलाकर बनाई गई.
SFC का नेतृत्व एक 3-स्टार जनरल करते हैं, जिसे कमांडर-इन-चीफ कहते हैं. जिन्हें तीनों सेनाओं से बारी-बारी से नियुक्त किया जाता है. सेना की नॉर्दर्न या ईस्टर्न जैसी अन्य कमांड्स से इतर, SFC का काम बॉर्डर की रखवाली करना नहीं है. यह कमांड सीधे तौर पर देश के परमाणु हथियारों को संभालती है, उनका रखरखाव करती है और आदेश मिलने पर टारगेट पर हमला करने की तैयारी करती है.

अब सवाल यह भी है कि SFC जिस अथॉरिटी NCA के अंडर काम करती है, वह क्या है? दरअसल भारत में परमाणु प्रोग्राम की कमान और कंट्रोल के सभी फैसले NCA यानी न्यूक्लियर काउंसिल अथॉरिटी ही लेती है. NCA ही भारत में परमाणु प्रोग्राम की सबसे बड़ी और प्रमुख संस्था है. इसकी भी दो काउंसिल हैं

जब प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली पॉलिटिकल काउंसिल की तरफ से युद्ध जैसी स्थितियों में अंतिम आदेश जारी किया जाता है, तब वह आदेश स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड के पास पहुंचता है. SFC के पास जमीन, हवा और समंदर से परमाणु हमला करने की पूरी क्षमता है. आदेश मिलते ही SFC एक्शन में आ जाती है और टारगेट को तबाह कर देती है.

भारत की परमाणु कमांड यानी SFC आज एक बेहद शक्तिशाली और सीक्रेट कमांड बन चुकी है. इस कमांड के पास तीनों सेनाओं के जरिए से प्रहार करने की ताकत है.
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